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फसल के लिए खाद जरूरी, बच्चों समेत कतार लगाने की मजबूरी

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बच्चे के साथ डीएपी खाद लेने के लिए लाइन में लगी महिला। कंधे पर सो रहा है बच्चा। - फोटो : Jhjhar
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जिले में खाद की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर की अनाज मंडी में सप्ताह बाद सरकारी बिक्री केंद्र पर डीएपी के करीब 650 बैग पहुंचे। खाद पहुंचते ही किसानों की काफी भीड़ उमड़ पड़ी। काफी संख्या में महिलाएं अपने बच्चों को साथ लेकर पहुंचीं। उनका कहना है कि खाद लेना जरूरी है। इसके साथ बच्चों और घर के कामकाज की भी जिम्मेदारी निभानी है।
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डीएपी खरीदने के लिए युवा, महिला, पुरुष व बुजुर्ग सैकड़ों की संख्या में मंडी स्थित बिक्री केंद्र पर पहुंच गए। किसानों की ओर से काफी समय तक धक्कामुक्की व अफरातफरी को माहौल देखकर बिक्री केंद्र संचालक ने पुलिस को बुलाया। पुलिस टीम मौके पर पहुंचने पर भी स्थिति बेकाबू बनी रही। पुलिसकर्मियों के काफी मान मनोव्वल के बाद किसानों ने लाइन लगाने के बाद बिक्री केंद्र के संचालक ने डीएपी खाद के वितरण के लिए टोकन किसानों को बांटे। इसके अलावा शहर के तहसील रोड पर निजी खाद बिक्री केंद्र पर भी डीएपी को लेकर किसानों की काफी भीड़ उमड़ पड़ी और बिक्री केंद्र संचालक को यहां भी पुलिस के पहरे में डीएपी खाद का वितरण करना पड़ा। वहीं लाइन में लगे किसानों ने सरकार को जमकर कोसा और अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने बताया कि डीएपी खाद न मिलने के कारण सरसों की बिजाई करने में लगातार कई दिनों से देरी हो रही है।
सरकारी व निजी बिक्री केंद्रों पर अलग-अलग से 1350 डीएपी खाद के बैग भेजे गए हैं। किसानों को परेशानी न हो इसके लिए डीएपी की डिमांड आगे भी भेजी गई है। सरसों की बिजाई को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
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- डॉ. जसबीर सिंह, गुणवता एंव नियंत्रक अधिकारी, कृषि एवं कल्याण विभाग, झज्जर।
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