हरियाणा के झज्जर की पीएनडीटी टीम ने मोहाली स्थित खरड़ में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जांच टीम ने एक एजेंट को मौके से गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी आरोपी फरार हो गए। आरोपियों ने भ्रूण लिंग जांच के लिए एक घर में पोर्टेबल मशीन लगा रखी थी। भ्रूण में लड़का होने पर रिपोर्ट पॉजिटिव है कोडवर्ड रखा था।
झज्जर के सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोगों का गिरोह झज्जर की गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए किसी अन्य जगह लेकर जाते हैं। इस पर एक टीम बनाई गई। एक गर्भवती महिला (प्रलोभन ग्राहक) को तैयार किया गया। एजेंट के मोबाइल पर टीम के सदस्यों ने प्रलोभन ग्राहक की अल्ट्रासाउंड व भ्रूण लिंग जांच के लिए बात की। 90 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था।
जांच टीम ने कोडवर्ड रिपोर्ट पॉजिटिव है कहते ही एजेंट मंजीत को पकड़ लिया। उससे 31500 रुपये की रिकवरी की गई है। जिस घर में अल्ट्रासाउंड किया गया, वहां जांच मशीन और जांच करने वाली महिला की तलाश स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में की गई।
हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी महिला सरबजीत पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ मौके से फरार हो चुकी थी। टीम ने एजेंट मंजीत को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी महिला सरबजीत, कार मालिक ओमकार सिंह, मनजीत, कपिल व अन्य तीन एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
एजेंट ने पहले मांगे एक लाख
डिकोय के डमी पति ने जब मुख्य एजेंट से बात की तो उसने पहले एक लाख रुपये मांगे थे, लेकिन सौदा 90 हजार में तय हुआ था। एजेंट खुद सामने नहीं आया जबकि उसने एजेंट कपिल से डमी पति के साथ बात कराई और कपिल ने भी तीसरे एजेंट को 6 मई को बस अड्डे पर 30 हजार रुपये लेने के लिए भेजा।
शक होने पर महिला व गाड़ी चालक हुए फरार
टीम ने डिकोय को जीपीएस लगा रखा था। कार्रवाई के दौरान आरोपी महिला सरबजीत को शक हो गया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई कर रही है। यही वजह रही कि रेड के दौरान महिला घर से अपनी पोर्टेबल जांच मशीन लेकर गायब हो गई। जिस गाड़ी में महिला सरबजीत डिकोय को लेकर आई थी, उसका चालक भी मौके से फरार हो गया।