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Haryana: डेढ़ साल के मासूम की जहर देकर हत्या, मां गिरफ्तार, कपड़ों से दुर्गंद आने पर पिता को हुआ शक

Fri, 17 May 2024 10:50 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, बादली, झज्जर (हरियाणा)

सार

कपड़ों से सल्फास की दुर्गंद आने पर पिता को पत्नी पर शक हुआ। पुलिस ने दफनाए शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। 
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श्मशान घाट से बच्चे को शव को निकालकर जांच करती टीम। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के झज्जर के बादली में एक महिला ने अपने ही डेढ़ साल के मासूम बच्चे को जहर देकर मार डाला। कपड़ों से सल्फास की दुर्गंंध आने पर पिता ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। दफनाए शव को मिट्टी से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फिलहाल हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

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बादली थाने के उप निरीक्षक रमेश चंद्र ने बताया कि बादली निवासी अंकित कुमार ने उसकी पत्नी पर डेढ़ वर्षीय बेटे को जहर देकर मारने का शक जाहिर किया था। अंकित ने बताया था कि डेढ़ साल के बेटे की दो दिन पहले 15 मई को तबीयत खराब हुई थी। निजी अस्पताल में दिखाने के बाद डाॅक्टर ने दवा देकर घर भेज दिया था।

रात में बेटे की तबीयत ज्यादा खराब होने पर पत्नी अंजू बेटे को लेकर फिर अस्पताल गई तो डॉक्टर ने जहरीली वस्तु खाने से मृत घोषित कर दिया। इसकी अंजू ने घरवालों को कोई जानकारी नहीं दी। अगले दिन 16 मई को परिजनों ने बच्चे को दफना दिया।
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अंकित का कहना है कि जब वह घर पहुंचा तो बेड की चद्दर से सल्फास की दुर्गंध आई। जब उसने छत पर जाकर देखा तो वहां पर भी सल्फास पड़ी हुई थी। बार-बार पूछने पर अंजू ने बताया कि उसने ही अपने बच्चे को गोली दी है। इसके बाद अंकित ने पुलिस को सूचना दी।

मजिस्ट्रेट की निगरानी में निकाला शव
उप निरीक्षक जय भगवान ने शमशान घाट से ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार शिखा, एफएसएल टीम इंचार्ज डॉक्टर नीतू, थाना प्रबंधक बादली कि टीम की निगरानी में बच्चे के मृत शरीर को निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल में भेजा गया। महिला आरोपी होने के कारण महिला उप निरीक्षक सोमवती द्वारा मृतक बच्चे की मां अंजू को गिरफ्तार किया गया।

खुद भी सल्फास खाना चाहती थी अंजू
बच्चे को जहर देने के बाद अंजू खुद भी जहर खाना चाहती थी। लेकिन, बच्चे की बिगड़ती हालत देखकर वह घबरा गई। थोड़ी देर बाद अंजू ने खुद जहर खाने से किनारा कर लिया और बच्चे को अस्पताल ले गई। इधर, चिकित्सकों का कहना है कि समय रहते बच्चे को जहर देने की बात बताई जाती तो शायद बच्चे की जान को बचाया जा सकता है।

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