हरियाणा के झज्जर के साल्हावास क्षेत्र के गांव बहु स्थित मनोज मेडिकल स्टोर पर नीली बत्ती लगी कार में आए शातिर खुद को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता बताकर जांच के नाम पर स्टोर से महंगी दवाई ले गए। स्टोर पर बैठे स्टोर संचालक के परिचितों को धमकाकर 15 हजार रुपये भी हड़पकर ले गए। सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल बंद करा दिए गए। 9 दिन बाद स्टोर संचालक ड्रग कंट्रोल कार्यालय गया तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। संचालक की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात में केस दर्ज कर लिया है।
खानपुर खुर्द निवासी मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी दुकान मनोज मेडिकल स्टोर के नाम से बहु बस स्टैंड पर है। 12 अगस्त को वह खाना खाने के लिए घर पर गया था। स्टोर पर उनके परिचित प्रदीप कुमार व अंकित कुमार बैठे थे।
करीब 3 बजकर 20 मिनट के आसपास एक नीली बत्ती लगी गाड़ी स्टोर पर आई। गाड़ी से करीब 5-6 लोग उतरकर स्टोर में आए। इनमें एक महिला सादे कपड़े व एक महिला पुलिस की वर्दी में थी। 4 अन्य लोग भी थे, जिन्होंने मास्क लगाए हुए थे।
स्टोर में घुसते ही उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री उडनदस्ता बताया और चैकिंग करनी शुरू कर दी। स्टोर में खडे सभी ग्राहकों को बाहर कर दिया और स्टोर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद करवा दिए। स्टोर में बैठे दोनों लोगों के फोन बंद करा दिए। आरोप है कि उन्होंने सैंपल के नाम पर तीन बॉक्स में काफी महंगी दवाएं भर ली और जांच कराने की बात कहकर साथ ले गए। गल्ले पर बैठे प्रदीप कुमार को डरा धमका कर 15 हजार रुपये नगद भी ले गए। इसके बाद वह शांत बैठ गया।
इस तरह हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
स्टोर संचालक ने बताया कि बुधवार को वह किसी काम से ड्रग कंट्रोल कार्यालय झज्जर के आफिस गया तो पता चला की ऐसी कोई टीम ड्रग कंट्रोल कार्यालय की तरफ से जांच के लिए नहीं गई थी। न ही कोई अन्य जांच हुई है। बाद में पता चला कि वही टीम और भी कई जगह जाकर मेडिकल स्टोर संचालकों से मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के नाम पर अवैध वसूली कर रही है। पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।