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आरओ प्लांट पर सीएम फ्लाइंग और खाद्य सुरक्षा विभाग ने मारा छापा

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पानी के सैंपल लेती टीम। - फोटो : Bahadurgarh
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गांव लोहट में बिना लाइसेंस के चल रहे आरओ प्लांट पर सीएम फ्लाइंग और खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से संयुक्त छापा मारा। टीम ने आरओ प्लांट से बोतल बंद पानी के दो नमूने लिए और उन्हें सील लगाकर जांच के लिए भेज दिया है। पानी की करीब दो हजार पेटियों को सील कर दिया है। पानी की गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गई तो प्लांट संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलवार की दोपहर संयुक्त टीम ने लोहट देवरखाना रोड स्थित हैनी एक्वा प्रोडक्ट वाटर प्लांट पर दस्तक दी। यहां बोतलों में बंद पैक करके बेचा जाता है। आरओ प्लांट पर कार्रवाई के दौरान पानी की बोतल सील करने का काम किया जा रहा था। छापे मारने के अभियान का नेतृत्व जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी जोगेंद्र सिंह और सीएम फ्लाइंग अधिकारी जयभगवान ने किया। टीम के पहुंचते ही सभी काम रोककर सैंपल लेने शुरू कर दिए। अधिकारियों की ओर से आरओ प्लांट का लाइसेंस मांगा गया तो मालिक कोई लाइसेंस पेश नहीं कर पाया। हालांकि शुरू में मालिक ने अधिकारियों को बरगलाने का प्रयास किया और लाइसेंस होने की बात कही लेकिन बाद में किसी प्रकार का कोई लाइसेंस नहीं मिला। इस पर टीम ने पानी के सैंपल लेने शुरू किए। वहां काम करने वाले कर्मचारियों ने सैंपल देने से भी मना कर दिया लेकिन टीम की ओर से विभागीय कार्रवाई करने की हिदायत देने के बाद सैंपल दिए गए। प्लांट से दो अलग-अलग सैंपल लिए गए जिसमें ब्रिसली और एवोका वाटर का मार्का लगा हुआ था। प्लांट पिछले कई सालों से लोहट गांव में स्थापित है। यहां से पानी की बोतल सील करके झज्जर, गुरुग्राम और दिल्ली में सप्लाई की जाती है।
आरओ प्लांट में दोपहर एक बजे टीम ने कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई शाम सात बजे के बाद तक जारी रही। इस दौरान पहले प्लांट मालिक ने आने में देर कर दी। दो घंटे बाद मालिक पहुंचा तो लाइसेंस देने के लिए टीम को बरगलाने में समय निकाल दिया। बाद में टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू करते हुए प्लांट में मौजूद पानी की सभी बोतलों को पेटियों के साथ एक गोदाम में सील कर दिया। कार्रवाई देर शाम तक चली।
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आरओ प्लांट से दो अलग-अलग नमूने लिए गए हैं। दोनों को जांच के लिए करनाल भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त चार लाख कीमत का पानी सील कर दिया गया है। नमूनों की की रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पानी सील कर नमूने भेजे जा रहे हैं। प्लांट मालिक की ओर से अब तक कोई लाइसेंस भी नहीं दिया गया है। -डॉ. जोगेंद्र, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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