झज्जर। लघु सचिवालय परिसर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर यूनियन ने धरना प्रदर्शन किया। उसके बाद उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक के नाम एसडीएम शिखा को ज्ञापन सौंपा। जिला प्रधान सुरेश बेरी ने धरने की अध्यक्षता की ओर धरने का संचालन यूनियन की जिला खजांची सुनीता खानपुर ने किया।
राज्य प्रधान छोटा गहलावत ने कहा कि प्रदेश के उपायुक्तों के माध्यम से आंगनबाड़ी वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर मांग पत्र दिया गया है। इस दौरान सरकार के खिलाफ आंगनबाड़ी वर्कर्स ने जमकर नारेबाजी भी गई। मौजूदा सरकार ने आंगनबाड़ी वर्करों को 2018 में कुशल व अर्ध कुशल वर्कर का दर्जा दिया गया था, लेकिन वह अभी तक लागू नहीं किया गया है। सरकार तुरंत आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों को पक्का करें और वर्कर की 24 हजार रुपये व हेल्पर की 16000 रुपये न्यूनतम वेतन किया जाए। प्ले स्कूलों को एनजीओ को सौंपने का काम सरकार कर रही है जिसका आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर पुरजोर विरोध करती हैं और उसे लागू नहीं होने दिया जाएगा। जो नई शिक्षा नीति लागू करने का लक्ष्य सरकार की ओर से रखा गया है उसे भी नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सुपरवाइजर को प्रमोट करने की आयु सीमा हटाई जाए व सेवानिवृत्ति पर पेंशन लागू की जाए और रिटायरमेंट होने पर वर्कर को पांच व हेल्पर को तीन लाख रुपये सरकार की ओर से देने की व्यवस्था की जाएं। आंगनबाड़ी भवनों का किराया 5000 बड़े शहरों में व 3000 छोटे शहरों के अलावा 2000 रुपये ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की ओर से दिया जाना चाहिए। आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर को विभागीय मीटिंग ट्रेनिंग में बुलाने के लिए टीए, डीए भत्ता दिया जाए। रोड जाम करने के दौरान आंगनबाड़ी वर्करों पर किए गए मुकदमों का हटाया जाए। पोषण ट्रैक का काम आंगनबाड़ी वर्कर किसी भी हालत में नहीं करेगी।आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर की दुर्घटना होने पर इलाज का पूरा खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाए। टीए व डीए में 18 किलोमीटर स्कीम खत्म होनी चाहिए व आईसीडीएस के खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी 8 दिसंबर को आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करके हड़ताल पर जाएंगे और यदि उनकी बातें नहीं मानी गई तो सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सुनीता ब्लॉक प्रधान बेरी, सरस्वती ब्लॉक प्रधान मातनहेल, विद्या शर्मा साल्हावास, सावित्री साखोल, सुनीता छुड़ानी के अलावा अनेक आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर ने हिस्सा लिया।