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छुछकवास बाईपास निर्माण के लिए 90 फीसदी जमीन पर बनी सहमति

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झज्जर। जिले में ढांचागत विकास के लिए अच्छी खबर है। गांव छुछकवास के बाईपास निर्माण के लिए वीरवार को जिला प्रशासन व परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसानों के बीच लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम शिखा ने किसानों की विभिन्न बातों को ध्यानपूर्वक सुना और परियोजना को लेकर किसानों से सहयोग की अपील की।
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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. राकेश ने भी बैठक में किसानों का पक्ष रखा और छुछकवास गांव के लिए बाइपास की आवश्यकता से दोनों पक्षों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस बाईपास के निर्माण को लेकर सहमत हैं। चरखी दादरी से गुरुग्राम, फरीदाबाद व राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली जाने वाले व झाड़ली के पावर प्लांट एरिया के ट्रैफिक का छुछकवास में भारी दबाव है। ऐसे में छुछकवास गांव के लिए बाईपास अत्यंत आवश्यक है। एसडीएम ने किसानों की बात सुनते हुए उम्मीद भी जताई कि शीघ्र ही बाईपास के लिए सभी किसानों की सहमति मिलने पर परियोजना की आगामी प्रक्रिया आरंभ होगी। एसडीएम ने किसानों के पक्ष को सुनते हुए आश्वस्त किया कि सरकार के निर्देशानुसार किसानों के पक्ष का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
डीसी श्याम लाल पूनिया भी लगातार बाईपास निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी ले रहे हैं। बैठक में पहुंचे गांव मारोत व छुछकवास के किसानों ने प्रशासन को बाईपास निर्माण के लिए अपनी सहमति दे दी है। उल्लेखनीय है कि इस बाईपास के निर्माण के लिए 26.8 एकड़ जमीन की आवश्यकता है जिसमें मारोत के किसानों की 5.9 व छुछकवास के किसानों की 22.9 एकड़ भूमि शामिल है। वीरवार को हुई बैठक के बाद बाईपास निर्माण के लिए दोनों गांवों के 90 फीसदी किसान जमीन देने के लिए प्रशासन को सहमति दे चुके हैं।
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हर समय बनी रहती है जाम की स्थिति
छुछकवास चौक पर अधिकांश समय वाहनों के अत्यधिक आवागमन के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। जिसके कारण वाहन चालकों को काफी समय तक जाम में फंसे रहने पर मजबूर होना पड़ता। करीब 15 साल से इस बाईपास के निर्माण की मांग चली आ रही है। ई-भूमि खरीद पोर्टल पर भी बाईपास के निर्माण के लिए भूमि को ऑनलाइन किया गया था। काफी समय से जमीन के लिए सहमति नहीं बन पा रही थी। जिससे यह मामला अटका हुआ था। अब सहमति बनने के बाद बाईपास के निर्माण की उम्मीद जगी है।
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