हिसार/उकलाना। जिले में डीएपी के लिए मारामारी है। बुधवार को हिसार के अलावा उकलाना, बरवाला, आदमपुर में किसानों को खाद के लिए कई घंटे लाइन में खड़ा होना पड़ा। हिसार के इफको केंद्र पर केवल 26 किसानों को 130 बैग खाद बांटा गया। वहीं करीब 400 किसान खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। उधर, उकलाना में खाद नहीं मिलने पर किसानों ने सिरसा-चंडीगढ़ हाईवे पर जाम लगाया दिया। वीरवार सुबह खाद लेने की बारी के लिए बुधवार दोपहर 2 बजे से ही युवा किसान लाइनों में बैठ गए। इफको केंद्र के बाहर रातभर किसान डटे रहे।
कृषि विभाग के उप निदेशक ने बताया कि जिले के लिए 2600 एमटी खाद आया है। सातरोड़ रैक से खाद उतारकर गाड़ियों के जरिये किसान केंद्रों पर भेजा गया है। बुधवार को उकलाना में डीएपी खाद आने की सूचना को लेकर किसान सुबह से ही खाद की दुकानों के आगे लाइन लगाकर खड़े हो गए। दोपहर तक कुछ दुकानों पर डीएपी बांटा गया। इस दौरान किसानों ने दुकानदारों पर अपने चहेतों की पर्ची काटने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में खाद वितरण हुआ। खाद नहीं मिलने पर किसानों ने करीब आधे घंटे तक हाईवे जाम रखा। बाद में एसडीएम राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और खाद दिलाने का भरोसा दिया।
बरवाला : डीएपी के लिए किसानों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा
क्षेत्र के किसानों को भी कई घंटे लाइन में खड़ा होने के बावजूद डीएपी नहीं मिल पा रहा है। बुधवार को शहर के अलग-अलग स्थानों पर दुकानों के बाहर किसान खाद के लिए पहुंचे। कई किसानों एक से दूसरी दुकान पर चक्कर लगाते नजर आए। अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील सचिव दयानंद ढुकिया ने कहा कि समय पर डीएपी नहीं मिलने से गेहूं की बिजाई नहीं हो पा रही है।
मंडी आदमपुर : दो सप्ताह बाद पहुंचे डीएपी के सिर्फ 800 बैग, चार घंटे में खत्म
क्षेत्र में 28 अक्तूबर के बाद बुधवार को डीएपी के 800 बैग पहुंचे। 400 बैग अनाज मंडी स्थित को-ऑपरेटिव सोसायटी और 400 बैग कोहली पैक्स में पहुंचे। चार घंटे बाद ही यह बैग खत्म हो गए। किसानों ने डीएपी के लिए तहसील कार्यालय कानूनगो सुभाष चंद्र को ज्ञापन सौंपा। नरषोत्तम, अमित मूंड, गरुवा खैरमपुर, बीरसिंह राड़, परमजीत, सुग्रीव कुमार, मोहित, संदीप, रवि, दिनेश, राहुल ने कहा कि फसलों की बर्बादी झेल चुके किसानों के लिए यह दोहरी मार है।
बुधवार को उत्तम कंपनी का 2600 एमटी खाद आया है। सातरोड़ रैक से खाद उतारकर गाड़ियों के जरिये किसान केंद्रों पर भेजा गया है। किसान थोड़ा संयम बरतें। जरूरत के अनुसार ही खाद लें। स्टॉक न करें, पूरी मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाएगा। - डॉ. विनोद फौगाट, उप निदेशक, कृषि विभाग
किसानों की आपबीति
मंगलवार रात को खाद लेने के लिए कतार में लग गया था। इस दौरान करीब 40 लोग लाइन में थे। सुबह केवल 26 किसानों को ही खाद बांटने के बाद खाद खत्म हो गई। अब कल के लिए लाइन में लग गया हूं। रात को यहीं सोऊंगा। - सचिन, गांव नियाणा
दो दिन से बिना खाद लिए लौट रहा हूं। आज रात यहां पर ही रहूंगा। खाद नहीं लेकर गया तो गेहूं की बिजाई में देरी हो जाएगी। इसके बाद उत्पादन भी कम होगा। रात को यहां पर ही रहेंगे। सरकार को खाद उपलब्ध कराना चाहिए। - मोनू नियाणा
तीन दिन से आकर वापस जा रहा था। आज यहां पर ही डटे रहने का फैसला लिया है। सुबह 3 बजे आते हैं तो भी यहां लाइन मिलती है। रात भर खाद के लिए रहूंगा। पहली बार खाद के लिए इस तरह की किल्लत आ रही है। - गुरबचन सिंह, किसान
किसानों के लिए कोई नहीं सोच रहा। हर बार बिजाई के समय खाद का संकट क्यों आता है। सरकार को इस बार में सोचना चाहिए। किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए एक महीने पहले ही तैयारी होनी चाहिए थी। - सुरेश शर्मा, गांव डाटा
पति को चोट आई हुई है। खाद लेने आने के लिए कोई ओर नहीं है। मैं खुद ही दो दिन से आ रही हूं। सरकार जल्द से जल्द खाद उपलब्ध कराए। 300 रुपये तो किराए भाड़े में खर्च कर चुकी हूं। अब भी खाद की उम्मीद नहीं दिख रही। - परमेश्वरी देवी, गांव मिर्जापुर
बरवाला में खाद के लिए लाइन में लगे किसान- फोटो : Hisar
उकलाना में डीएपी खाद न मिलने पर सिरसा-चंडीगढ़ रोड पर जाम लगाकर विरोध जताते किसान- फोटो : Hisar
अनाज मंडी में इफको किसान सेवा केन्द्र के बाहर खड़े जमींदार। संवाद- फोटो : Hisar