दवा के लिए सीएमओ से बात करती महिला।
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हिसार में एक महिला अपनी बेटी की उपचार कराने के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। नागरिक अस्पताल से उसे दवा देने के बजाय कोरा आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। मंगलवार को नागरिक अस्पताल में महिला ने सीएमओ डॉ. रतना भारती से गुहार लगाई। उसने कहा कि मैडम आज तो मैं दवा लेकर जाऊंगी।
चार साल की बेटी को दौरे आते हैं, जब भी दवा लेने आती हूं हर बार बोल देते हैं कि अगली बार दवा मिल जाएगी। महिला ने कहा कि सीएमओ मैडम आज दवा दिला दीजिए या फिर 400 रुपये, मैं बाहर से दवा खरीद लूंगी। सीएमओ ने उसे बाल रोग विशेषज्ञ के पास भेज दिया।
12 क्वार्टर एरिया के भगत सिंह नगर की रहने वाली ऊषा ने बताया कि दस साल बाद बेटी को जन्म दिया। जन्म के छह माह बाद ही बेटी हंसिका को दौरे आने लगे। उसका उपचार शुरू कर दिया। पहले उसका इलाज निजी अस्पताल में करवाया। अब काफी समय से नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है।
सितंबर 2021 से लगातार दवा लेने के लिए नागरिक अस्पताल के चक्कर काट रही हूं। दो बार पीने की दवा मिली है। जब संबंधित फार्मासिस्ट के पास जाती हूं. तो कहता है कि डिमांड भेजी है, जब दोबारा दवा लेने आती हूं तो कहता है कि किसी और को दे दी। हर बार यही बात कर टाल देता है।
बाहर दवा 400 रुपये में मिलती है
ऊषा का कहना है कि बेटी को अगर दवा नहीं देते तो उसे दौरे आने शुरू हो जाते हैं। बाहर से दवा लेेते हैं तो एक सीरप 400 रुपये की आती है और वह एक सप्ताह चलती है। जब भी दवा लेने आती हूं, तो हर बार मना कर दिया जाता है।
फार्मासिस्ट को बोला है
महिला शिकायत लेकर आई थी। इस बारे में फार्मासिस्ट को बोला है कि अगर, दवा नहीं है तो खरीद लें और मरीज को दवा मुहैया करवाए। -रतना भारती, सीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार