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बसों में पैर रखने की नहीं मिलती जगह, खिड़की पर लटक कर रहीं सफर

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काजला बस स्टैंड पर रोडवेज की बस में भीड़ के चलते खिड़की पर लटके हुए यात्री। संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। एक तरफ सरकार बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का नारा दे रही है। वहीं, लाडवी रूट पर बेटियों को बस की सुविधा नहीं मिलने पर परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार को मार्ग पर बसों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर छात्राएं जीएम सुखदेव सिंह से मिलीं। इस दौरान छात्राओं ने बताया कि रोजाना पढ़ाई के लिए हिसार आना पड़ता है। इस दौरान गांव पहुंचने वाली बस में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। इस कारण उन्हें खिड़की पर लटक कर सफर करना पड़ता है। इस पर जीएम ने सोमवार से रूट पर बसें बढ़ाने का आश्वासन दिया।
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काजला निवासी छात्रा पूनम, कोमल, अंकुश, किरण, ममता ने बताया कि लाडवी रूट पर एक ही बस चलती है। जब बस लाडवी से होते हुए काजला पहुंचती है तो बस में पैर रखने के लिए जगह नहीं होती है। ऐसे में भीड़ के कारण उन्हें बस की खिड़की में लटककर या ऑटो से हिसार आना पड़ता है। छात्राओं का कहना है कि अब तो सभी स्कूल-कॉलेज खुल चुके हैं। बावजूद उन्हें बसों की सुविधा नहीं मिल रही है। उधर, बेटियों के लिए चलाई गई पिंक मिनी बसें भी रोडवेज वर्कशॉप में धूल फांक रही हैं।
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