हिसार। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश अफसरों की लापरवाही से लोगों के लिए आफत बन गई। पानी निकासी के उचित प्रबंध और नालों की सफाई न होने से शहर में जलभराव हो गया।
24 घंटे में दो बार लोगों के घरों और दुकानों में पानी भर गया। मूसलाधार बारिश से प्रीति नगर, ग्रीन पार्क व हाउसिंग बोर्ड जैसे पॉश इलाकों में तीन फुट तक पानी भर गया। घरों में पानी भरने से बुधवार को किसी ने पड़ोसियों के घर तो किसी ने बदबूदार पानी के बीच रात गुजारी। वहीं, शहरों की सड़कें तालाब बनी हैं।
शहर में बुधवार को हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश से पानी निकासी पूरी तरह नहीं हुई थी कि वीरवार दोपहर करीब दो बजे मौसम बदला और फिर से झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक लगातार तेज बारिश हुई। इसके बाद साढ़े तीन घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश होती रही। एचएयू के अनुसार दोपहर ढाई बजे तक 48.5 एमएम व मौसम विभाग के अनुसार शाम पांच बजे तक 31.0 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश के कारण शहर की सड़कें 24 घंटे के अंदर ही दोबारा से पानी में डूब गईं। इस कारण से शहरवासियों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उधर, शहर से जल निकासी को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी देर रात तक जुटे रहे। अधिकारियों की मानें तो इस बारिश के लिए वह पहले से तैयार थे तो उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं आई। वीरवार को बिजली कट की समस्या नहीं आई, जिससे निकासी के काम बिना बाधा के चलता रहा। अधिकारियों ने बताया कि 15 में से आठ डीजल पंप सेट की ही जरूरत पड़ी। वहीं, बुधवार को बैंक कॉलोनी के लोगों द्वारा जलभराव की समस्या के विरोध में रोड जाम करने की घटना के बाद वीरवार को जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से कॉलोनी के लिए अलग से पंप सेट की व्यवस्था कर दी गई। पंप सेट की मदद से सीवर से पानी उठाकर बरसाती नाले में डाला गया।
लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
बुधवार को हुई बारिश से घर में चार से छह इंच तक पानी भर गया था। रात आठ बजे तक पानी निकल सका। मगर 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि वीरवार दोपहर को दोबारा से घर में पानी घुस गया। पानी से सारा फर्नीचर खराब हो गया, जो दो साल पहले ही खरीदा था। जब से बरसाती नाला बना है, जलभराव की समस्या ज्यादा हो गई है। - एडवोकेट अशोक गुप्ता, निवासी, ग्रीन पार्क
दो दिन से लगातार घर में पानी भर रहा है। इससे तीन माह पहले 30 हजार रुपये का खरीदा गया बेड भी खराब हो गया। इसके अलावा काफी अन्य सामान भी भीग गया। अब तो भगवान से प्रार्थना करते हैं कि अब बरसना बंद कर दे। - ममता रानी, निवासी, ग्रीन पार्क
वीरवार तड़के चार बजे घर से पानी की निकासी हो सकी। मजबूरी में परिवार वालों को पानी के बीच में रात गुजारनी पड़ी। सीवर व्यवस्था ठप पड़ने से जलभराव की समस्या आ रही है। अब तो आसमान में काले बादल देखते ही डर लगने लगता है। - अजय, निवासी, हाउसिंग बोर्ड, सिरसा रोड
पूरे घर में पानी भर गया था। बुधवार रात पड़ोसियों के घर ही खाना खाया और वहीं सोये। पानी के भरने से सारा फर्नीचर खराब हो गया। वीरवार दोपहर 12 बजे तक घर से पूरी तरह पानी निकल पाया। - विजय बंसल, निवासी, हाउसिंग बोर्ड, सिरसा रोड
घर में पानी भरने से फ्रीज, बेड व पानी की मोटर सब खराब हो गए। पूरे परिवार को रात बिताने को पड़ोसियों के घर जाना पड़ा। जब से कॉलोनी के आगे पार्क बना है, तब से यह समस्या बढ़ गई है। - दर्शना, निवासी, हाउसिंग बोर्ड, सिरसा रोड
यह भारी बारिश की समस्या होती तो वीरवार को जलभराव नहीं होता। सुबह 4 बजे तक पानी निकला था। गंदी बदबू के बीच कुछ देर ही आंख बंद कर लेटे थे। दोपहर को फिर से हमारे घर में पानी घुस आया। यहां के सिस्टम चौक हैं। कोई व्यवस्था नहीं है। - एसएन गुप्ता, रिटायर्ड प्रोफेसर, प्रीति नगर