हिसार। शहर के सेक्टर 1-4 में रहने वाली 27 वर्षीय गर्भवती बबीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस कारण उसके गर्भ में पल रहे बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। मृतका के परिजनों ने उसके पति, सास-ससुर पर बेटी को दहेज के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है। मृतका बबीता के परिजनों ने बताया कि 21 जून को बेटी का जन्मदिन था। उन्होंने बताया कि कभी भी बबीता की डिलिवरी हो सकती थी। घर में खुशी का माहौल था, अचानक बेटी के बारे में पता चला तो सभी अस्पताल पहुंचे।
आरोप है कि ससुरालजनों की तरफ से 20 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। जांच कर रहे एएसआई अनिल कुमार ने बताया कि मृतका के पिता चानौत गांव निवासी रामबीर की शिकायत पर मृतका के पति सोहन लाल, सास सेवापति और ससुर दर्शन सिंह पर दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। वहीं, मृतका के ससुर दर्शन सिंह ने बताया कि बहु बबीता घर पर अकेली थी। दोपहर को जब उसकी सास घर आई तो बबीता फंदे पर लटक रही थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी और उसे अस्पताल पहुंचाया।
चानौत गांव के रहने वाले आजाद सिंह ने बताया कि उसके भाई रामबीर की बेेटी बबीता की शादी 27 नवंबर 2020 को मूलरूप से समैन हाल सेक्टर 1-4 निवासी सोहन सिंह के साथ की थी। शादी के बाद ससुरालजनों ने बेटी को दहेज के लिए तंग करना शुरू कर दिया। कुछ दिन पहले भतीजी से बात हुई थी। उसने बताया था कि ससुरालवाले दहेज के लिए मारपीट करते हैं।
14 जून को रेलवे की परीक्षा देकर आई थी
मृतका के पिता रामबीर ने बताया कि बेटी 14 जून को पंजाब में रेलवे की परीक्षा देकर आई थी। एक परीक्षा वह पहले देकर आई थी जो उसने पास कर ली थी। उन्होंने बताया कि चिकित्सक ने कहा कि था कि 30 मई के बाद कभी भी डिलिवरी हो सकती है। बेटी कुछ दिनों से परेशान चल रही थी। पहले भी दो बार पंचायतें हो चुकी थी। बेटी का पति, सास और ससुर तीनों उसे 20 लाख रुपये लाने के लिए परेशान कर रहे थे। इस कारण उसने फंदा लगाकर जान दे दी।
डायल 112 अस्पताल लेकर पहुंची
सूचना मिलने पर डायल 112 की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और बबीता को बिना देरी के नागरिक अस्पताल लेकर आई ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे की जान बचाई जा सके। पहले उसे आपातकालीन कक्ष के बाहर और बाद में जच्चा बच्चा वार्ड की तरफ ले गए। वहां पर मौजूद स्टाफ नर्स ने मशीन के जरिये जांच की तो पता चला कि गर्भ में पल रहा बच्चे ने भी दम तोड़ दिया है।