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प्रतिमा विवाद : चार घंटे की बातचीत के बाद भी नहीं निपटा विवाद, तनाव बरकरार

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सेना के जवानों को राखी कलाई पर बांधते हुए लड़कियां। संवाद - फोटो : Fatehabad
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भूना। गांव बुवान में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर छिड़ा विवाद रविवार को भी दोनों पक्षों के बीच बना रहा। डीसी महावीर कौशिक व एसपी राजेश कुमार ने लगातार चार घंटों तक दोनों पक्षों की संयुक्त कमेटी सदस्यों के साथ लंबी बातचीत की, लेकिन यह बेनतीजा रही। प्रतिमा लगाने वाला पक्ष प्रतिमा को हटाने को तैयार नहीं है। वहीं पंचायत घर को आंबेडकर भवन का दर्जा देने और प्रतिमा हटाने को लेकर हंगामा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी है। जबकि गांव बुवान के अनाज खरीद केंद्र में रविवार को अनुसूचित जाति के लोगों का सम्मेलन हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में प्रदेश भर से लोग शामिल हुए। गांव में दिनभर तनावपूर्ण हालात रहे। सम्मेलन में मोटरसाइकिलों के काफिले के साथ पहुंचे सैकड़ों युवा ने जय भीम के नारे लगाए। सम्मेलन में प्रतिनिधियों ने कहा सरकार को कहा कि 31 दिसंबर से पहले जिले के हर गांव में बाबा साहेब की प्रतिमा लगनी चाहिए। प्रशासन ने गांव बुवान की नौ गलियों को किया सील किया हुआ है। सीआरपीएफ की सात कंपनियां और 500 के करीब पुलिसकर्मी गांव की गली-गली तैनात हैं। इसके अलावा गुप्तचर विभाग भी मामले पर नजर बनाए हुए है।
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रविवार देर शाम तक उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक ने अलग-अलग बैठक करके विवाद निपटाने के लिए अथक प्रयास किए। मगर दोनों पक्षों के लिए प्रतिमा का मुद्दा प्रतिष्ठा का सवाल बना रहा। रविवार को डीसी व एसपी के अलावा एडीसी अजय कुमार चोपड़ा, डीआरओ प्रमोद चहल, जिला परिषद सीईओ संजय बिश्नोई, तहसीलदार विजय कुमार, बीडीपीओ विनय प्रताप सिंह, एसईपीओ नरेंद्र सिंह कुंडू, नायब तहसीलदार विकास कुमार, डीएसपी अजायब सिंह, डीएसपी दलजीत सिंह, डीएसपी बीरम सिंह आदि प्रशासनिक अधिकारी ने रविवार को पूरा दिन कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगे रहे।
किसान आंदोलन का बहिष्कार करने का एलान किया
अनुसूचित जाति के लोगों के सम्मेलन में सैकड़ों की संख्या में प्रदेश भर से लोग शामिल हुए। सम्मेलन का संचालन कर्मवीर रंगा ने किया। मुख्य वक्ता हांसी से एडवोकेट रजत कंसल व भीम आर्मी संगठन हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रोहित गर्वा रहे। एडवोकेट कंसल ने किसान आंदोलन का बहिष्कार करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग किसानों से साथ मिलकर कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर लड़ाई लड़ रहा है। मगर यहां वे ही जमींदार गरीब मजदूरों व कमजोर लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं। इसलिए हरियाणा में अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के लोग किसान आंदोलन का पूर्ण रूप से बायकाट करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आड़ में उनके वर्ग के लोगों का शोषण हो रहा है, जिसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कंसल ने कहा कि दलित और पिछड़े वर्ग के लोग सुरक्षित नहीं हैं। उन पर लगातार अत्याचार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को समाज के लोगों ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की पंचायत घर में प्रतिमा स्थापित कर दी थी, लेकिन एक वर्ग के लोगों को यह रास नहीं आई। इसलिए प्रतिमा को पंचायत घर से हटाने की भरपूर कोशिश हो रही है। मगर बाबा साहेब की प्रतिमा को हटाना आसान नहीं है। गांव की गली- गली में सेना व पुलिसकर्मी हथियार लेकर बैठे हुए हैं। डॉ. हरपाल सिंह ने एलान करते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2021 से पहले प्रत्येक गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगनी चाहिए। सम्मेलन में शासन प्रशासन तथा प्रतिमा का विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ खूब भड़ास से निकाली गई। सम्मेलन में भीम आर्मी कैथल के जिलाध्यक्ष राजेश कैंथ, रोहतक जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ,मनजीत मोखरा, रोहतक सुनील राठी, डॉ. राजेश कुमार, एडवोकेट रोहताश कुमार, विनोद तालनिया, दिनेश रतापड़, विनोद उचाना जिले सिंह नरवाना, धीरज गाबा, दिनेश खापड़ जींद, मास्टर बृजपाल जाखल, विक्रम इंदौरा सिरसा, बाबा परमजीत सिंह, भगवान दास, डॉ. सोहनलाल खेदड़, ईश्वर सिंह बागड़ी़, धर्मवीर बोस्ती, करतार सिंह, ईश्वर सिंह, रामनिवास धानक, पहलाद ग्रोवर, कुलदीप नहला, अंकुश रंगा आदि लोगों ने सम्मेलन को संबोधित किया।
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गांव की नौ गलियों को किया सील
प्रतिमा विवाद को लेकर रविवार को गांव बुवान में 9 गलियों को सील कर दिया गया, जो पंचायत घर से जुड़ी हुई हैं। सीआरपीएफ व पुलिस के जवानों ने प्रत्येक गली में दो लेयर बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षा बढ़ाई हुई थी, क्योंकि प्रतिमा लगाने वाले पक्ष के लोगों ने अपने समाज का एक सम्मेलन बुलाया हुआ था। इसके चलते कानून व्यवस्था के मद्देनजर सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। रविवार को भी गांव बुवान में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। प्रत्येक गलियों में दस फुट पर एक सेना के जवान तथा पुलिस कर्मचारी की ड्यूटी लगी हुई थी।
सम्मेलन के बाद बन गई थी टकराव की स्थिति
रविवार को प्रतिमा लगाने वाले समाज के लोगों ने सम्मेलन समाप्त के बाद पंचायत घर के नजदीक रविदास मंदिर में अनाज खरीद केंद्र से पैदल मार्च करते हुए जाने का एलान कर दिया। एडीसी अजय चोपड़ा ने सम्मेलन में मंच पर जाकर लोगों को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के बताए हुए मार्गदर्शन पर चलने के लिए प्रेरित किया। एडीसी ने कहा कि बाबा साहेब ने कभी भी फोटो के लिए उन्माद फैलाने व झगड़ा करने के लिए भी संदेश नहीं दिया था। समाज के लोगों को शिक्षित होकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक कमेटी गठित करके प्रशासन के साथ बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करने के लिए पहल करनी चाहिए। परंतु एक बार एडीसी की बात को उन्होंने अनसुना कर दिया और रविदास मंदिर में जाने के लिए हंगामा करने लगे, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ- पांव फूल गए। टोहाना- भूना रोड पर सैकड़ों की संख्या में सेना व पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए। प्रशासन ने भी टकराव से निपटने के लिए पूरी कमर कस ली थी। परंतु अंतिम समय में प्रशासन के साथ बातचीत के लिए प्रतिमा लगाने वाले लोगों की सहमति बन गई। शाम सात बजे तक दोनों पक्षों के बीच कोई निर्णायक फैसला नहीं हो पाया था।
रक्षाबंधन पर सेना के जवानों को लड़कियों ने बांधी राखी
रविवार को रक्षाबंधन के दिन गांव बुवान की करीब 15 लड़कियों ने सीआरपीएफ के 50 से अधिक जवानों के हाथों की कलाई पर राखी बांधी और तिलक करके उन्हें मिठाईयां खिलाई। जवानों ने लड़कियों को भाई की तरह उपहार देकर आशीर्वाद दिया। सेना के जवानों ने राखी बंधवाने के बाद अपनी छोटी बहनों को उच्च शिक्षा लेकर बड़ी अफसर बनने के लिए प्रेरित किया।
प्रतिष्ठा नहीं का सवाल न बनाएं दोनों पक्ष : डीसी
उपायुक्त महावीर कौशिक ने दोनों पक्ष के लोगों से अलग-अलग मीटिंग करके समझाया कि इसे प्रतिष्ठा का सवाल न बनाएं। गांव में भाईचारा व शांति का पैगाम देख कर वर्षों की भांति अब भी एक मिसाल कायम करें। दोनों पक्ष विवाद को समाप्त करके एकता का परिचय दें।
टकराव समाधान नहीं है : एसपी
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने दोनों ही पक्ष के लोगों को अलग-अलग वार्तालाप करके सचेत किया कि टकराव समस्या का कोई समाधान नहीं है, क्योंकि दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से सामाजिक ताना-बाना बिखर जाएगा। इसलिए प्रतिमा विवाद को दोनों पक्ष प्रतिष्ठा का सवाल न बनाएं।

प्रतिमा लगाने वाले लोगों को सम्मेलन में संबोधित करते रजत कनसल। संवाद- फोटो : Fatehabad

गांव बुवान की बैरिकेडिंग करके सील की हुई गली और मौजूद पुलिस अधिकारी व फोर्स।- फोटो : Fatehabad

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