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बुवान में प्रतिमा विवाद गहराया, पुलिस छावनी में बदला गांव

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गांव बुवान में डॉ.आंबेडकर की प्रतिमा के चारों तरफ खड़े पुलिसकर्मी। - फोटो : Fatehabad
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भूना। गांव बुवान स्थित पंचायत घर में लगाई गई डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का विवाद वीरवार बढ़कर टकराव के हालातों में बदल गया। पुलिस अधिकारियों की सतर्कता के कारण दोनों ही पक्षों के बीच टकराव होते-होते बचा। पंचायत घर में लगी प्रतिमा को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों ने चारों ओर से घेराबंदी कर ली। मामले के चलते पूरा गांव पुलिस छावनी में बदल गया। सीआरपीएफ, आरएएफ व पुलिस की पांच कंपनियां गांव में तैनात की गई हैं। डीसी महावीर कौशिक एवं एसपी राजेश कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर दोनों पक्ष के लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की। मगर दोनों पक्षों द्वारा नाक का सवाल बनाए जाने से मामला नहीं सुलझा।
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गांव के पंचायत घर को जाने वाली तीन गलियों पर की नाकेबंदी
पुलिस ने एहतियात के तौर पर गांव बुवान के पंचायत घर से जोड़ने वाली तीन गलियों पर नाकेबंदी कर दी है। डीसी एवं एसपी के नेतृत्व में दोनों ही गुटों के दस-दस लोगों के साथ दो घंटे कंबोज चौपाल मेंबैठक की गई। दोनों पक्षों को गांव में आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए समझाने का प्रयास किया गया। लंबी वार्तालाप के बावजूद प्रतिमा लगाने वाला पक्ष पंचायत घर से प्रतिमा हटाने पर सहमत नहीं हुआ। डीसी व एसपी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर का अलग से स्मारक बनाने का भी प्रस्ताव रखा। मगर उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया।
डीसी बोले- प्रतिमा लगाने वालों पर होगी एफआईआर
ग्रामीणों की तरफ से निवर्तमान सरपंच हीरालाल, प्रधान बलदेव सिंह, पूर्व सरपंच सुरजीत ढाका, जोगिंद्र सिंह, दलबीर यादव, सरदार केवल सिंह, धर्मपाल शर्मा, पवन बिश्नोई, संदीप नांगल, सोनू शर्मा, संदीप यादव, सुरेंद्र सिंह और राजन भाटिया ने पक्ष रखा जबकि दूसरे पक्ष की ओर से करतार सिंह, छिंदाराम, ईश्वर सिंह, बलविंद्र सिंह, रामनिवास धानक, डॉ. सतीश कुमार, इंद्र सिंह, गुरदीप सिंह, महेंद्र सिंह ने बात रखी। जब छह घंटे बाद भी कोई सहमति नहीं बनी तो डीसी ने स्पष्ट कर दिया कि अवैध तरीके से पंचायत घर में प्रतिमा लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।
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फैसला आने तक प्रतिमा की सुरक्षा करेगी पुलिस
हालांकि, डीसी ने यह भी कहा कि फैसला नहीं होने तक प्रतिमा की सुरक्षा पुलिस करेगी। अगर दूसरे पक्ष के लोगों ने भी प्रतिमा के साथ किसी प्रकार की छेड़खानी की कोशिश की तो उनके खिलाफ भी केस दर्ज होगा। बैठक में ग्रामीणों ने विशेष समुदाय के लोगों से यह भी कहा कि पंचायत घर से प्रतिमा हटाने के बाद प्रशासन जहां पर स्मारक बनाने के लिए जमीन देगा, उसमें समस्त गांव के लोग आर्थिक रूप से मदद करेंगे। मगर बात सिरे नहीं चढ़ी।
डीसी को शिकायत पत्र भी दिया
विशेष समुदाय के लोगों ने डीसी को शिकायत पत्र भी दिया है, जिसमें कहा है कि गांव का पंचायत घर अनुसूचित जाति के घरों के बीच में बना हुआ है। 15 अगस्त को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाई थी, जिसको कुछ शरारती तत्व खंडित करना चाहते हैं। ये उनके समाज से जातीय रंजिश रखते हैं और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हैं।
गांव बुवान में दोनों ही पक्षों को डीसी व एसपी साहब ने समझाने का प्रयास किया है। मगर अभी तक कोई सहमति नहीं बन सकी है। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है।
-नरेंद्र कुंडू, समाज, शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी

गांव बुवान में ग्रामीणों को समझाते डीसी महावीर कौशिक।- फोटो : Fatehabad

गांव बुवान में तैनात रेपिड एक्शन फोर्स के जवान।- फोटो : Fatehabad

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