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महाशिवरात्रि पर अर्धनारीश्वर के रूप में होगा सीसवाल धाम में शिव का शृंगार

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मंडी आदमपुर। करीब 750 वर्ष प्राचीन ऐतिहासिक सीसवाल धाम में महाशिवरात्रि के मौके पर अर्धनारीश्वर के रूप में भगवान भोलेनाथ का शृंगार किया जाएगा। बाबा का विशेष शृंगार इंदौर, जयपुर व हरिद्वार के भक्त करेंगे। महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर सीसवाल धाम में भव्य जागरण कर अगले दिन मेला लगाया जाएगा।
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मेले के संयोजक राकेश शर्मा व कमेटी अध्यक्ष धीसाराम जैन ने बताया कि सोमवार 28 फरवरी की रात को मंदिर में विशाल जागरण होगा। रात्रि 12 बजे के बाद भक्तों द्वारा हरिद्वार, नीलकंठ व अन्य जगहों से लाई गई कांवड़ चढ़ाई जाएगी। वहीं जागरण में इंदौर से घनश्याम महेश्वरी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह करीब चार बजे आरती के बाद जलाभिषेक व अटूट लंगर का आयोजन किया जाएगा और भगवान भोले नाथ को 21 हजार लड्डूओं का भोग लगाया जाएगा।
आदमपुर के सीसवाल का प्राचीन सीसवाल धाम जल्द ही गुजरात के कोटेश्वर महादेव मंदिर के स्वरूप में नजर आएगा। पिछले करीब 2 वर्ष से करोड़ों रुपये की लागत से शिव मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जीर्णोद्धार के बाद यह मंदिर देशभर के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र स्थापित होगा। मंदिर कमेटी के प्रधान धीसाराम जैन ने बताया कि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र सीसवाल धाम महाभारत काल में पांडवों द्वारा स्थापित प्राचीन ऐतिहासिक शिव मंदिर हैं, वहीं यह समाज के लिए एक धरोहर है। मंदिर की भूमि पर गर्भगृह, सभाकक्ष, यज्ञशाला, पार्क आदि बनाए जाएंगे। करीब 15 से 18 माह में मंदिर पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो जाएगा। घीसाराम जैन ने बताया कि जीर्णोद्धार के लिए अयोध्या राम मंदिर के आर्किटेक्ट व कारीगरों द्वारा नक्शा तैयार किया गया है। शिव मंदिर के अलावा अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्थापित किया जाएगा। अन्य मंदिरों के अलावा देवी-देवताओं की झांकियां भी सजाई जाएगी। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए घुमावदार बेरिकेट्स लगाए जाएंगे।
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मंदिर का इतिहास : सीसवाल गांव स्थित इस शिव मंदिर का पुरातत्व विभाग के पास पिछले 750 सालों का रिकॉर्ड उपलब्ध है। बताया जाता है कि इससे पूर्व का रिकॉर्ड स्वतंत्रता आंदोलन में जल गया था। मंदिर के निर्माण, उसकी बुनियाद, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक महत्वों को समायोजित कर कोई लिखित सामग्री हालांकि आम साधारण में उपलब्ध नहीं हैं।
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