फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेक्टरवासी बोले-सेक्टर की जमीन पर नहीं बनने देंगे झुग्गियां, सीटू ने सचिवालय के बाहर दिया धरना

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। आग से झुग्गियां जलने से बेघर हुए लोगों को दोबारा से सेक्टर की जमीन पर बसाने का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। इस मामले को लेकर सेक्टरवासी व सीटू पदाधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। सेक्टरवासी का कहना है कि वह दोबारा से इस जगह पर झुग्गियां नहीं बसने देंगे। इन्हें किसी अन्य जगह पर बसाया जाए। उधर सीटू पदाधिकारी (सेंट्रल इंडियन ट्रेड यूनियन) इस मांग पर अड़े हैं कि बेघर लोगों को उसी जगह पर बसाया जाए। साथ ही लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर झुग्गियों में आग लगने की घटना की जांच कराने की मांग उठाई।
विज्ञापन

उधर, इन लोगों की झुग्गियां नए सिरे से बनाने को लेकर करीब 11 लाख रुपये एकत्रित हो चुके हैं। चूंकि पहले इतना ही लक्ष्य निर्धारित किया गया था। ऐसे में अब झुग्गियों के लिए पैसा लेना बंद कर दिया है। उधर नई झुग्गियां बनाने को लेकर सेक्टरवासियों व एचएसवीपी ईओ ने एक और नई जगह देखी है। यहां भी कुछ झुग्गियां बनाई जा सकती हैं। बता दें कि 11 जून को सेक्टर 16-17 में विश्वासपुरम के पास स्थित झुग्गियों में आग लगने से 150 से ज्यादा झुग्गियां जलकर राख हो गईं थी। इसके बाद विभिन्न संगठनों सहित शहरवासी इन लोगों की मदद के लिए आगे आए और इनके लिए दोबारा से झुग्गियां बनाकर देने का फैसला किया। जिला प्रशासन ने भी इन्हें आर्थिक मदद देने की घोषणा की। मगर यहां इस बात को लेकर विवाद हो गया कि इन्हें दोबारा से कहां बसाया जाए।
सेक्टर की महिलाएं बोलीं-झुग्गियों के कारण बिगड़ा माहौल
सेक्टर 16-17, सेक्टर 13 पार्ट व विश्वासपुरम के लोगों ने मंगलवार को बैठक की, जिसमें काफी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं की मांग थी कि इन झुग्गियों को दोबारा से उसी जगह पर न बसाया जाए। इनके कारण सेक्टर का माहौल खराब रहता है। विशेष तौर पर यहां नशे का कारोबार होता है। इसके अलावा जिस जगह पर झुग्गियां बसी हुईं थी, वहां ऊपर से हाईटेंशन की लाइन गुजरती है, जिसके कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं। बैठक में मौजूद लोगों ने इन झुग्गीवासियों को साउथ बाईपास पर एचएसवीपी की नर्सरी के पास बसाया जाए। बैठक के बाद सेक्टरवासियों व विश्वासपुरम एक प्रतिनिधिमंडल सेक्टर 16-17 आरडब्ल्यूए प्रधान जितेंद्र श्योराण की अध्यक्षता में संपदा अधिकारी राजेश खौथ से मिला। इस मौके पर पार्षद अमित ग्रोवर, पीएलए आरडब्ल्यूए प्रधान सतपाल ठाकुर, रघुवीर गोयत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

मामले की हो निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवारों को मिलें पक्के मकान
इस मामले को लेकर सीटू ने झुग्गीवासियों के साथ लघु सचिवालय के बाहर सांकेतिक धरना लगाया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान देशराज व संचालन मनोज सोनी ने किया। जिला सचिव सुरेश ने बताया कि इस मामले में अभी तक साफ नहीं हुआ कि यह आग कैसे लगी और यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि सोमवार को साथ लगती कॉलोनी के लोग जेसीबी लेकर मौके पर पहुंच गए और झुग्गी उखाड़ने की धमकी देने लगे। मगर वहां मौजूद लोगों के कारण उन्हें वापस जाना पड़ा। जिला सचिव ने कहा कि कॉलोनीवासियों के व्यवहार से लगता है कि यह आग लगाई गई है। इस दौरान जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें मुख्य मांग आग लगने की घटना की निष्पक्ष जांच करवाना, जांच के बाद दोषियों पर 302 का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करना, पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा देना, प्रवासी मजदूरों के लिए अधिनियम 1979-81 के तहत सरकारी पक्के मकान बनाकर देना शामिल हैं। इस मौके पर भवन निर्माण का राज्य अध्यक्ष सुखबीर, राज्य महासचिव राममेहर, जिला उपप्रधान वेद प्रकाश, ब्लॉक सचिव वीरेंद्र दुर्जनपुर, राधेश्याम, राजेश, सूबे सिंह बूरा, दिलबाग हुड्डा, रणवीर मलिक, कुलदीप खरड़, सुरेश, रणधीर, सरोज, प्रवीण, संतोष, कलावती आदि मौजूद रहे।
बाहरी राज्य के रहने वाले मजदूर, पार्षद ने वेरिफिकेशन करने से किया मना
प्रवासी मजदूरों के आधार कार्ड बनाने को लेकर सेक्टर-13 सामुदायिक केंद्र में शिविर लगाया गया। दोपहर एक भी झुग्गीवासी आधार कार्ड बनवाने नहीं पहुंचा। हालांकि दोपहर बार करीब 12 लोग ही आधार कार्ड बनवाने आए। आधार कार्ड बनाने वाले कर्मचारियों के अनुसार जिनके पास पुराने आधार कार्ड का नंबर और उसमें दर्ज मोबाइल नंबर है। उनके आधार कार्ड की पीडीएफ नगर निगम में भेजी जा रही है, जहां ये झुग्गीवासी इनका रंगीन प्रिंटआउट निकलवा सकेंगे। वहीं जिनके पास आधार नंबर है, लेकिन उसमें दर्ज मोबाइल नंबर नहीं हैं, उनका डाटा मुख्यालय भेजा जा रहा है, जहां से इनके आधार कार्ड बनकर आ जाएंगे। कर्मचारियों ने बताया कि समस्या उनके झुग्गीवालों के साथ है, जिनके आधार कार्ड ही नहीं बने हुए। चूंकि इनका पता बिहार व किसी अन्य राज्य का है। ऐसे में पार्षद इनकी वेरिफिकेशन करने से मना कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें