हिसार। कोरोना की तीसरी लहर के प्रकोप के चलते हरियाणा सरकार ने स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी व अन्य शिक्षण संस्थानों को 26 जनवरी तक बंद करने के निर्देश दिए थे। वीरवार को सरकार ने 10वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को खोलने के आदेश जारी किए हैं, जबकि कॉलेज व यूनिवर्सिटी पर पाबंदी जारी रहेगी। सरकार के इस फैसले पर कॉलेज व यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने नाराजगी जाहिर की है।
कॉलेज व यूनिवर्सिटी के छात्र संगठनों के नेताओं ने कहा कि कॉलेज व यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी अपनी सेहत का ख्याल रखना जानते हैं। जाहिर सी बात है कि कॉलेज व यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी स्कूल के विद्यार्थियों से ज्यादा समझदार होते हैं। वहीं, कॉलेज व यूनिवर्सिटी के ज्यादातर विद्यार्थियों ने कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज भी लगवा ली है। इसके बावजूद सरकार द्वारा स्कूल खोलना व कॉलेज, यूनिवर्सिटी को बंद रखना हैरानी की बात है। छात्र संगठनों ने सरकार से मांग की है कि जिस गाइडलाइन के तहत 10वीं से 12वीं तक स्कूल खोले जा रहे हैं उसी गाइडलाइन के तहत कॉलेज व यूनिवर्सिटी भी खोली जाए। छात्र नेताओं ने सरकार को चेताया है कि अगर जल्द से जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो विद्यार्थी सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
छात्र नेताओं से बातचीत
स्कूलों की तुलना में कॉलेज व यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी ज्यादा समझदार होते हैं। कॉलेज व यूनिवर्सिटी के लगभग सभी विद्यार्थी कोरोनारोधी टीके भी लगवा चुके हैं। ऐसे में स्कूलों को खोलना व कॉलेज, यूनिवर्सिटी को बंद रखना गलत है। अगर दो दिन में कॉलेज, विश्वविद्यालय खोलने के आदेश जारी नहीं हुए तो प्रदर्शन करेंगे। - विक्रम सिंघरान, जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई
जिस गाइडलाइन के तहत सरकार स्कूल खोल सकती है उसी गाइडलाइन के तहत कॉलेज व यूनिवर्सिटी भी तो खोला जा सकता है। हमारी सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द कॉलेज व यूनिवर्सिटी खोलने के आदेश जारी करें वरना सभी छात्र संगठन एकजुट होकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। - अज्जु घनघस, जिलाध्यक्ष, इनसो हिसार
सरकार कॉलेज व यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की आवाज को दबाना चाह रही है। कॉलेज व यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ जन जागरूकता व समाज हित की आवाज उठाते हैं। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में सुधारीकरण की मांग करते हैं। कोरोना की आड़ में शिक्षण संस्थानों को बार-बार बंद करने पीछे सरकार की मंशा है कि युवाओं को अनपढ़ रखा जा सके। - गुरमेल, प्रवक्ता, डीएएसएफआई जीजेयू
कोरोना महामारी के कारण लंबे समय तक शिक्षण बंद होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हुई है। सरकार अब भी शिक्षण संस्थानों को बार-बार बंद करने के फरमान दे रही है जो कि सही नहीं है। अब स्कूल तो खोले जा रहे हैं पर कॉलेज व यूनिवर्सिटी बंद रखी जा रही हैं। दो दिन में सरकार कॉलेज व यूनिवर्सिटी को खोलने के आदेश नहीं देती है तो प्रदर्शन करेंगे। - मनोज टाक, युवा प्रदेश महासचिव, युवा कांग्रेस