हिसार। जिले के 11 सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में से 7 के सैंपल फेल मिले हैं। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जनस्वास्थ्य विभाग पर 2.41 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। खास बात यह है कि जिन एसटीपी के सैंपल फेल मिले हैं, उनसे निकलने वाले पानी का इस्तेमाल कृषि में सिंचाई के लिए किया जा रहा है।
जिन 7 प्लांट के सैंपल फेल मिले हैं, उनमें एक शहर में स्थापित प्लांट भी शामिल है। इसके अलावा तीन प्लांट हांसी और एक-एक प्लांट बरवाला, उकलाना व नारनौंद का शामिल है। पिछले दिनों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन प्लांट के सैंपल एकत्रित किए थे और इन सैंपल की लैब से जांच करवाई थी। बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं। इन प्लांट के जरिये सीवर के पानी को साफ किया जाता है। प्लांट से साफ होकर निकलने वाले पानी का इस्तेमाल कृषि में सिंचाई तक के लिए किया जा सकता है। ब्यूरो
इन प्लांट के सैंपल मिले फेल
4 एमएलडी एसटीपी, कैमरी रोड, हिसार
5 एमएलडी एसटीपी, ढाणी कौशल, भिवानी रोड, हांसी
7.5 एमएलडी एसटीपी, लालपुरा-जींद रोड, हांसी
6.5 एमएलडी एसटीपी, लालपुरा रोड, हांसी
6 एमएलडी एसटीपी, ढाणी गारन, बरवाला
6.5 एमएलडी एसटीपी, बुढाखेड़ा, उकलाना
4 एमएलडी एसटीपी, नारनौंद
श्याम विहार में बिना अनुमति के चल रही 11 इंडस्ट्री की सील
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर के श्याम विहार में बिना अनुमति के चल रहीं 11 इंडस्ट्री को सील कर दिया है। इससे पहले बोर्ड की तरफ से इन सभी को कारण बताओ नोटिस भेजे गए थे, मगर किसी ने भी इन नोटिस का जवाब नहीं दिया। बोर्ड अधिकारियों ने मुख्यालय से इन्हें सील करने की अनुमति मांगी थी। मुख्यालय ने यह अनुमति दे दी थी।
एसटीपी न लगाने पर एक होटल संचालक को नोटिस
बोर्ड ने शहर के बाईपास पर स्थित एक होटल संचालक को भी नोटिस थमाया है। नोटिस के तहत होटल मालिक को 15 दिनों के अंदर एसटीपी लगाने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर होटल मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि 100 वर्ग गज व 36 सीटिंग क्षमता वाले होटल, मोटल, रेस्टोरेंट व पॉर्टी लॉन पर एनजीटी की गाइडलाइन लागू हो गई है। इसके तहत अगर कोई होटल पब्लिक सीवर लाइन का इस्तेमाल करता है तो उसे ऑयल स्कीमर लगाना होगा। वहीं अगर वहां पब्लिक सीवर लाइन नहीं है तो होटल संचालक को एसटीपी का निर्माण करना होगा।
हमनें अलग-अलग दिनों में ये सैंपल लिए थे। इन सभी सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। सात एसटीपी के सैंपल फेल मिले हैं। इस पर जनस्वास्थ्य विभाग पर 2.41 करोड़ रुपये जुर्माना किया गया है। - डॉ. कुलदीप श्योराण, वैज्ञानिक, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड