हिसार। प्राइवेट बसों के चालक-परिचालक मनमानी कर रहे हैं। कभी बेटियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं तो कभी उन्हें बस में बैठाया नहीं जाता है। आए दिन रोडवेज के एसएस कार्यालय में प्राइवेट बसों के चालकों-परिचालकों के खिलाफ शिकायतें पहुंची रही है। इसके बावजूद आरटीए विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ऐसा ही एक मामला शनिवार को दोपहर बाद बस स्टैंड पर देखने को मिला। यहां बूथ पर हिसार से नरवाना जाने के लिए प्राइवेट बस लगी हुई थी। मगर, दो लड़कियों को बस में बैठाने से मना कर दिया। जबकि बस में कुछ लड़कियां बैठी हुई थी। उसके बाद दोनों शिकायत देने के लिए एसएस कार्यालय पहुंची। इस दौरान बेटियों ने कहा कि बस में और भी लड़कियां बैठी हुई हैं। मगर हमें नहीं बैठाया जा रहा है। उसके बाद मौके पर स्टैंड इंचार्ज साधुराम मोर पहुंचे और चालक-परिचालक से बातचीत की तो बाद में दोनों को बैठा लिया गया।
बीच रास्ते में उतार देने की भी आ रही शिकायतें
प्राइवेट बसों के चालक-परिचालक बेटियों को हिसार बस स्टैंड से तो बैठा लेते हैं। मगर, कुछ दूरी पर जाकर बेटियों को बीच रास्ते में उतार दिया जाता है। कई बार बेटियों ने चालक-परिचालक की वीडियो बनाकर आरटीए व रोडवेज के अधिकारियों को शिकायत दी गई। मगर, आज तक उन चालकों और परिचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मैं एसएस कार्यालय में बैठा हुआ था। दो लड़कियां मेरे पास आई और बोली कि हमें प्राइवेट बस में बैठाया नहीं जा रहा है। उसके बाद मैं मौके पर गया और चालक-परिचालक से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हैं। इस पर मैने उनसे पूछा कि ऐसी बात नहीं है तो मेरे पास शिकायत लेकर क्यों आई है। उसके बाद दोनों बेटियों को बस में बैठा लिया गया।
- साधुराम मोर, स्टैंड इंचार्ज