हिसार। जिले में मंगलवार को 21 स्थानों पर पराली जलाने के केस रिकॉर्ड किए गए। इस सीजन में यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। हांसी, नारनौंद और बरवाला क्षेत्र में पराली जलाने की घटना सैटेलाइट के जरिये रिकॉर्ड हुई हैं। इसके बाद हिसार में मंगलवार को दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक 380 से 395 तक दर्ज किया गया। हरसैक ने यह रिपोर्ट प्रदेश के कृषि विभाग को भेजी। विभाग को 24 घंटे में इस रिपोर्ट पर कार्रवाई करनी है। प्रदेश में पराली जलाने के 269 केस दर्ज हुए। प्रदेश में इस सीजन में 5993 स्थानों पर पराली जलाई जा चुकी है।
हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होने के बाद भी पराली जलाए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हरियाणा रिमोट सेंसिंग सेंटर ने मंगलवार को कृषि विभाग को यह रिपोर्ट भेजी। बुधवार को एडीओ, पटवारी, ग्राम सचिव की ग्राम स्तर की टीम मौके पर जाकर लोकेशन की जांच करेंगी। अगर मौके पर पराली जलाने के सुबूत मिले तो किसानों पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी किसानों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पिछले दस दिन का प्रदेश का सबसे बड़ा आंकड़ा
हिसार जिले के साथ लगते फतेहाबाद में 22, जींद में 60, करनाल में 22,पानीपत में 24, कैथल में 14 जगह पर पराली जलाई गई। मंगलवार को प्रदेश में कुल 269 स्थानों पर पराली जलाई गई। यह पिछले दस दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सोमवार को 129 जगह पर पराली जलाने की घटना रिकॉर्ड की गई।
कृषि विभाग ने 95 हजार रुपये जुर्माना लगाया
जिले में इस सीजन में पराली जलाने के 96 केस रिकॉर्ड किए गए हैं। कृषि विभाग अब तक पराली जलाने 95 हजार रुपये का जुर्माना लगा चुका है। एक एकड़ पराली जलाने पर 2500 रुपये का जुर्माना तय है। पराली जलाने पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माना अदा न करने पर किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान है।
मंगलवार को एक्यूआई लेवल
सुबह 9 बजे 385
सुबह 11 बजे 392
दोपहर 1 बजे 396
दोपहर 3 बजे 396
शाम 5 बजे 392
शाम 7 बजे 394
रात 9 बजे 392
ऐसे समझे प्रदूषण की स्थिति
स्तर-स्थिति
0 से 50-अच्छा
51 से 100-संतोषजनक
101-200-सहनीय
201-300-खराब
301-400-बहुत खराब
401-500-गंभीर
आम नागरिक सहयोग करें ...
कृषि उपनिदेशक डॉ. विनोद फौगाट ने अमर उजाला के माध्यम से किसानों से अपील की है कि पराली न जलाएं। आम आदमी कचरे में आग न लगाएं। जरूरत होने पर ही वाहन का उपयोग करें। निर्माण कार्यों को कुछ दिन के लिए रोक दें। निर्माण स्थल पर पानी का छिड़काव करते रहें। अपने आसपास के लोगों को प्रदूषण के प्रति जागरूक करें।