हिसार। शहर में बीएंडआर ने करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर पक्के डिवाइडर बनवाए थे। अब शहर की करीब 20 किलोमीटर लंबी सड़कों पर इन्हें तोड़ने का काम जारी है। बताया जा रहा है कि पौधे लगाने के लिए इन डिवाइडर्स पर लगाई गई टाइल्स को उखाड़ा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह सरकारी खजाने की बर्बादी है।
बता दें कि पहले शहर के दिल्ली व राजगढ़ रोड पर बने हुए डिवाइडर पर पौधे लगे हुए थे। मगर बाद में ग्रिल लगाने के नाम पर पौधों को नष्ट कर दिया गया। साथ ही टाइल्स लगाकर इन्हें पक्का कर दिया गया। अब फिर से टाइल्स को उखाड़कर पौधे लगाए जा रहे हैं।
राजगढ़ रोड : 6 करोड़ की लागत से करवाया था काम
वर्ष 2019 में 6 करोड़ रुपये की लागत से करीब राजगढ़ रोड का कायाकल्प कराया गया था, जिसमें सड़क पर तारकोल की लेयर बिछाना, फुटपाथ का निर्माण, डिवाइडर का निर्माण व ग्रिल लगवाना शामिल था। बरवाला चुंगी से लघु सचिवालय तक यह कार्य कराया गया था। यहां तक इस रोड की लंबाई करीब 10 किलोमीटर है। इससे पहले तक इस रोड के डिवाइडर पर जगह-जगह पौधे लगे थे, जिन्हें ग्रिल लगाने के दौरान उखाड़ दिया गया था।
दिल्ली रोड : डिवाइडर पर तीन साल पहले लगाई गई थी ग्रिल
वर्ष 2018 में दिल्ली रोड पर पृथ्वीराज चौक से मटका चौक व सिविल अस्पताल चौक से सिरसा चुंगी तक ग्रिल लगाई गई थी। इसके अलावा डिवाइडर का निर्माण, रोड निर्माण व बरसाती नाले का निर्माण भी कराया गया था। साथ ही स्ट्रीट लाइट पोल बदले गए थे। इस पर करीब 19 करोड़ रुपये का खर्च आया था। इससे पहले तक इस रोड पर बने डिवाइडर पर भी पौधे लगे थे। इन पौधों को या तो नष्ट कर दिया गया या हटा दिया गया था। इस रोड पर काफी पौधे शहर के नामी घराने की तरफ से लगाए गए थे।
जून 2019 में डिवाइडर्स का पक्का न करने का आया था फैसला
27 जून 2019 को पीडब्ल्यूडी मंत्री व अधिकारियों के बीच हुई बैठक में फैसला लिया गया था कि पर्यावरण को बचाने के लिए डिवाइडर को पक्का करने की बजाय वहां पर पौधे लगाने होंगे। आदेश को लेकर सभी अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से अवगत करा दिया गया था। उस समय शहर में राजगढ़ रोड पर बने डिवाइडर को पक्का किया जा रहा था, मगर उस अधिकारियों का तर्क था कि अब यह काम शुरू हो चुका है।
राजगढ़ रोड पर विभाग की बागवानी शाखा ने काम कराया है। यह डिवाइडर को नुकसान नहीं पहुंचा। मगर बरवाला चुंगी के पास कोई संस्था काम करवा रही है, वहां डिवाइडर को ज्यादा नुकसान हुआ है। इस बारे में समिति से जवाब तलब किया जाएगा। - गौरव जैन, एसडीओ, बीएंडआर