अपनों को खोने वाले विद्यार्थी को इस बार नियम 134ए के तहत दाखिले में हरियाणा सरकार ने विशेष राहत दी है। इस योजना के अंतर्गत अगर किसी के माता, पिता या फिर दोनों की मौत हो चुकी है, या बच्चों के पालन-पोषण में असमर्थ हैं तो उनके बच्चों को बिना दस्तावेज दिखाए नियम 134ए के तहत निजी स्कूल में दाखिला मिलेगा। इसके लिए इन बच्चों को केवल चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी द्वारा प्रमाणित दस्तावेज ही दिखाना होगा।
जिसके बाद बच्चे को सीधा दाखिला मिल सकेगा। शर्त यह होगी कि इन श्रेणी के बच्चे को नियम 134ए की परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। साथ ही मेरिट लिस्ट में अगर विद्यार्थी का नाम आता है तो उसे बिना दस्तावेज दिखाए नियम 134ए के तहत निजी स्कूल में दाखिला मिल सकेगा।
गौरतलब है कि चिल्ड्रन एंड नीड ऑफ केयर प्रोटेक्शन स्कीम के तहत जो बच्चे चाइल्ड केयर हाउस में रहते हैं या फिर मां-पिता न हो। इन बच्चों को नियम 134ए के तहत दाखिले का लाभ देने के लिए इस बार सरकार ने यह पहल की है। 14 नवंबर तक विद्यार्थी नियम 134ए के तहत दाखिला पाने के लिए आवेदन कर सकता है।
हिसार के 468 निजी स्कूलों में है 12150 सीटें
नियम 134ए के तहत दाखिले के अंतर्गत जिले के 468 निजी स्कूलों ने पोर्टल पर 12150 सीटें दिखाई है। इन उपलब्ध सीटों पर ही विद्यार्थी को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। हालांकि हिसार जिले में कुल 758 निजी स्कूल है। प्रदेश में कुल 7358 निजी स्कूलों को वेरिफाई किया जा चुका है। जिनमें 204154 सीटें उपलब्ध है।
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चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी की ओर से जिन बच्चों को वेरिफाई किया जाएगा। उन बच्चों को बिना दस्तावेज दिखाए नियम 134ए के तहत सीधा निजी स्कूलों में दाखिला मिल सकेगा। हालांकि इन बच्चों को परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। - विरेंद्र गोदारा, असिस्टेंट डायरेक्टर, प्राइवेट स्कूल एलिमेंट्री, पंचकूला।