हिसार। चलती-फिरती रोडवेज बस में अब बच्चे क, ख, ग और अ से अनार, आ से आम पढ़ेंगे। इस दौरान दो शिक्षक बस में सवार रहेंगे, जो ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के 6 से 14 साल तक के बच्चों को शिक्षा देंगे। अतिरिक्त उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने समग्र शिक्षा के साथ मिलकर स्कूल आपके द्वार नाम से योजना की शुरुआत की है।
योजना के तहत रोडवेज बस को क्लासरूम में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए पहले तो सीटों को हटाकर गद्दे बिछाए जाएंगे, ताकि बच्चे आराम से बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही चालक की सीट के पीछे लगी जाली पर ब्लैक-बोर्ड लगाया जाएगा। इस बारे में अतिरिक्त उपायुक्त ने हिसार डिपो के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर एक रोडवेज बस उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जो बस रूट पर नहीं दौड़ती है, उसे जिला प्रशासन को सौंपा जाए।
रोजाना दो या तीन भट्ठों पर दौड़ेगी बस
स्कूल आपके द्वार योजना के अंतर्गत यह रोडवेज बस रोजाना दो से तीन भट्ठों तक दौड़ेगी। जहां बच्चों को बस के अंदर पढ़ाया जाएगा। एक भट्ठे पर दो घंटे तक बस रुकेगी। समय खत्म होने के बाद यही बस दूसरे भट्ठों पर जाएगी।
पेंसिल से लेकर स्कूल ड्रेस उपलब्ध करवाएगी समग्र शिक्षा
योजना के अंतर्गत रोडवेज बस के अंदर पढ़ने वाले बच्चों को पैंसिल, स्कूल ड्रेस, जुराब-जूते निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। ताकि बच्चों को सुविधाओं का अभाव न हो। ये तमाम सुविधा समग्र शिक्षा उठाएगा। समग्र शिक्षा ने प्रथम चरण में 7 एरिया की पहचान की है। जहां सर्वाधिक भट्ठे होंगे, वहां यह बस पहले जाएगी। योजना में लाडवा, मंगाली, डाबड़ा, सातरोड, बगाना, कालावास व आर्य नगर क्षेत्र शामिल किया गया है।
रोडवेज बस को क्लास रूम बनाया जाएगा, जिसके अंदर दो शिक्षक तैनात होंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ईंट-भट्ठों में काम करने वाले मजदूरों के बच्चों को पढ़ाना है। क्योंकि ये मजदूर प्रवासी होती है। कुछ समय बाद दूसरी जगहों पर चले जाते हैं। उस दौरान पढ़ाई से जोड़ने के लिए इस योजना की शुरुआत की है। - ज्ञानसिंह, जिला परियोजना समन्यवक, समग्र शिक्षा, हिसार।
स्कूल आपके द्वार योजना शुरु की है। इसमें ईंट-भठ्ठों में काम करने वाले मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाएगा। रोडवेज जीएम को पत्र लिख बस उपलब्ध कराने को कहा गया है। - स्वप्निल रविंद्र पाटिल, एडीसी