हिसार। याशी कंपनी का एक कर्मचारी बिना अनुमति के नगर निगम की एक कर्मचारी की आईडी का इस्तेमाल करते हुए कार्य कर रहा था। महिला कर्मचारी ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। अधिकारियों ने उक्त कर्मचारी को हटाने को लेकर कंपनी को पत्र लिख दिया है। हालांकि याशी कंपनी का कर्मचारी इस आरोप को बेबुनियाद बता रहा है।
याशी कंपनी की तरफ से कर्मचारी जितेंद्र को नगर निगम में तैनात किया हुआ था, जो प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे का काम देख रहा था। चूंकि सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है और सरकार ने कंपनी का टेंडर भी रद्द कर दिया है। बावजूद इसके जितेंद्र बुधवार को नगर निगम की एक महिला कर्मचारी की आईडी पर प्रॉपर्टी मिलान का कार्य कर रहा था। जब महिला कर्मचारी ने यह देखा तो उसने तुरंत अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया। अधिकारियों ने भी संज्ञान लेते हुए अपने कर्मचारी को यहां से हटाने को लेकर कंपनी को पत्र लिख दिया।
एक नागरिक का ही कर रह था काम
इस बारे में जितेंद्र से बातचीत की गई तो उसने बताया कि वह एक नागरिक का ही काम काम रहा था, जो उसके पास एक समस्या लेकर आया था। निगम पुरानी प्रॉपर्टी आईडी के मिलान की जिम्मेदारी कंपनी पर डालना चाहती है तो इसी वजह से उस पर गलत काम करने का आरोप लगाया गया है।