हिसार। स्टील नगरी के एकमात्र औद्योगिक सेक्टर 27-28 में आना हो तो जूते घर निकालकर और पैंट ऊपर कर लें। नाक पर रूमाल रख लें। ऐसा करने के बाद ही आप यहां रोड से गुजर सकेंगे। ऐसा इसलिए है कि सेक्टर 27-28 की सड़कों पर दो फीट तक सीवर का पानी भरा है। सड़कें तालाब बन चुकी हैं। बदबू से सांस लेना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद हमारे मंत्री जी का नारा है स्वच्छ शहर-सुरक्षित शहर।
सेक्टर 27-28 में फैक्टरी चलाने वाले दुनीचंद गोयल, प्रधान देवेंद्र जैन, रणबीर गुप्ता, अजय बत्रा, अशोक कुमार, सुभाष बंसल, संजीव पपनेजा ने कहा कि फैक्टरी चलाना मुसीबत हो गया है। सड़कों पर भरे गंदे पानी के कारण आवागमन बाधित हो गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके हैं। अधिकारी एक बार फट्टी मरवा देते हैं। पांच से सात दिन बाद फिर सीवरेज ओवरफ्लो हो जाते हैं। एचएसवीपी समस्या का स्थायी हल नहीं करवा रहा है। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। फैक्टरी मालिकों का शिष्टमंडल निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता से मिलेगा। वहीं, एचएसवीपी के अधिकारियों का कहना है कि सीवर लाइन की मरम्मत करा रहे हैं। स्थायी समाधान के लिए चार लाइनों को बदलने का प्रस्ताव बनाया जा चुका है। 1.95 लाख का टेंडर लगाकर इसे पूरा कराया जाएगा। अगले माह टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
शहरी निकाय मंत्री की बैठक में उठा था मुद्दा
शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने 25 फरवरी को लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक ली थी। इसमें सेक्टर 27-28 में सीवरेज की समस्या का मुद्दा उठाया गया था। उद्योग विभाग के अधिकारियों ने सीवरेज ठप रहने का मुद्दा उठाया था। जिस पर मंत्री ने इस मामले में हुडा के मुख्य प्रशासक से भी बात की थी।
प्रदेश में बिजली संकट के कारण उद्योग पहले से ही ठप हैं। सेक्टर 27-28 में पिछले कई साल से सीवरेज के पानी की समस्या बनी हुई है। उद्योगपति इस मामले में कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। चारों ओर गंदा पानी भरा होने के कारण करोड़ों की फैक्टरी लगाने वाले मालिक अपनी फैक्टरी में नहीं जा पा रहे।
- बजरंग गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा व्यापार मंडल
क्यों जरूरी हिसार का उद्योग...
हिसार शहर को स्टील नगरी के तौर पर पहचान मिली हुई है। यहां से तैयार होने वाला लोहा देश-विदेश में जाता है। इसके अलावा रबड़, बटन, प्लास्टिक, कोटन के कुछ आइटम विदेशों में एक्सपोर्ट होते हैं। नए उद्योगों को हिसार में लाने के लिए यहां बेहतर सुविधाएं व माहौल बनाया जाना जरूरी है।
एक लाइन फटने के कारण सीवरेज का पानी सड़क पर भरा है। लाइन की मरम्मत करा रहे हैं। स्थायी समाधान के लिए चार लाइनों को बदलने का प्रस्ताव बनाया जा चुका है। 1.95 लाख का टेंडर लगाकर इसे पूरा कराया जाएगा। अगले माह टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। - भूपेंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी, एचएसवीपी, हिसार