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Haryana Weather: प्रदेश में 19 से 25 जुलाई के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Mon, 18 Jul 2022 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)

सार

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार अगले दो तीन दिनों में ओमान के तटीय इलाकों की तरफ बढ़ने की प्रबल संभावनाएं हैं, जिसका भारतीय पश्चिमी तटीय इलाकों पर ही प्रभाव रहेगा।
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विस्तार
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मानसून की टर्फ रेखा और उत्तरी हरियाणा व राजस्थान पर चक्रवाती परिसंचरण बनने से हरियाणा में 19 से 25 जुलाई के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।

 

उधर रविवार को प्रदेश के पंचकूला, यमुनानगर, अम्बाला, करनाल, कैथल, रोहतक, पानीपत, गुरुग्राम, नूंह व सिरसा में बिखराव वाली बारिश की गतिविधियों हुईं, जबकि बाकी हिस्से में दोपहर तक आंशिक बादलवाही देखने को मिली, लेकिन बाद में अधिकतर स्थानों पर मौसम साफ रहा। प्रदेश में अधिकतम तापमान 31.0 से 37.0 और न्यूनतम तापमान 23.0 से 27.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 13 जुलाई को बंगाल की खाड़ी से उठा लो प्रेशर एरिया अब उत्तरी अरब सागर पर स्थापित गया है, जो अब लो प्रेशर एरिया से अवसाद (डिप्रेशन) के रूप में स्थापित हो गया है। इसके अगले दो तीन दिनों में ओमान के तटीय इलाकों की तरफ बढ़ने की प्रबल संभावनाएं हैं, जिसका भारतीय पश्चिमी तटीय इलाकों पर ही प्रभाव रहेगा।

 

इसके अलावा मानसून टर्फ अब अरब सागर में मौजूद अवसाद (डिप्रेशन)के मध्य से होते हुए दिसा, रायसेन, अंबिकापुर, ओडिसा पर मौजूद लो प्रेशर एरिया के मध्य से गुजर रही है। साथ ही साथ अरब सागर में मौजूद सक्रिय सिस्टम मानसून की टर्फ रेखा को दक्षिण में बांधे रखे हुए हैं। मगर जैसे ही यह सिस्टम भारत के तटीय इलाकों से दूर ओमान की और होगा।

 

वैसे ही मानसून की टर्फ रेखा वापस से उत्तर में पंजाब, हरियाणा की तरफ आने लगेगी। साथ ही साथ एक पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तर पाकिस्तान व आसपास के इलाकों पर बना हुआ है, जो सोमवार तक उत्तरी पर्वतीय इलाकों से आगे निकल जाएगा। 19 जुलाई को ओडिसा पर मौजूद कम दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) पश्चिमी मध्यप्रदेश पर आकर उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ेगा।

 

साथ ही मानसून की टर्फ रेखा तिरछी मध्य पंजाब, मध्य हरियाणा, मध्य उत्तरप्रदेश, बिहार पर आ जाएगी। इसकी वजह से दोनों शक्तिशाली मौसम प्रणाली आपस मे मिल जाएंगे। इससे लो प्रेशर एरिया की सारी शक्ति मानसून की टर्फ रेखा में मिल जाएगी और साथ ही साथ उत्तरी हरियाणा व राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवातीय परिसंचरण बनने जा रहा है।

 

इस मिलन के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर व पूर्वी राजस्थान में 19 से 25 जुलाई के बीच कई जगहों पर तेज गति की हवाओं और गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होगी।

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