हिसार। नेशनल टेस्ट एजेंसी की तरफ से रविवार को यूजी नीट की परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा को सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करवाने के लिए जिले में 15 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 5 बजकर 20 मिनट तक आयोजित हुई। परीक्षा केंद्र से बाहर आते ही कई परीक्षार्थी मायूस नजर आए। परीक्षार्थियों की मानें तो पेपर में फिजिक्स विषय के प्रश्न मुश्किल आए थे जबकि बायोलॉजी सहित अन्य विषयों के प्रश्न आसान थे। परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस का सख्त पहरा रहा। एनटीए व परीक्षा केंद्र के स्टाफ कर्मचारियों ने परीक्षार्थियों की गहनता से चेकिंग की। परीक्षार्थी की सही पहचान की पुष्टि होने के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश करने दिया गया।
सुबह साढ़े 11 बजे परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों की एंट्री शुरू हुई जो कि दोपहर 1:30 बजे तक हुई। एंट्री के दौरान परीक्षार्थियों की बॉयोमीट्रिक हाजिरी हुई व ऑनलाइन पहचान की गई है। परीक्षा केंद्र के अंदर जाने से पहले परीक्षार्थियों की चार जगह चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान परीक्षार्थियों का एडमिट कार्ड, आधार कार्ड सहित दो आईडी प्रूफ देखे गए। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण अंदर नहीं ले जाने दिए गए।
इन्हें नहीं दिया प्रवेश
जिन परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड पर नवीनतम रंगीन पोस्टकार्ड साइज फोटो नहीं चस्पा हुआ था। जिनके पास एडमिट कार्ड की दो प्रतियां नहीं थी। दो आईडी प्रूफ नहीं थे, उन्हें परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं दी गई। दोपहर 1:30 बजे परीक्षा केंद्रों का गेट बंद कर दिया गया। हालांकि जांच के दौरान जिन परीक्षार्थियों ने आईडी पहचान पत्र मोबाइल में दिखाए, उन्हें केंद्र में प्रवेश करने दिया गया। मगर मोबाइल अंदर नहीं ले जाने दिया गया। निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया है। परीक्षा के दौरान कोविड गाइड लाइन का पालन करवाया गया।
परीक्षा के बाद शहर में लगा जाम
शाम 5 बजकर 20 मिनट पर परीक्षा समाप्त हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद दिल्ली रोड पर जाम की स्थिति बन गई। राजगढ़ रोड स्थित ठाकुर दास भार्गव स्कूल के बाहर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आईजी चौक तक जाम की स्थिति बनी रही। इधर अर्बन एस्टेट स्थित विश्वास स्कूल से परीक्षा के बाद अर्बन एस्टेट मार्केट के पास दिल्ली रोड पर जाम की स्थिति बन गई। होम गार्ड व पुलिस के जवानों ने स्थिति को संभालते हुए ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करवाई।
- मेरा सपना एमबीबीएस बनना है। पिछले दो साल से मैं नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। डॉक्टर बनने के लिए मेरी मम्मी मुझे बहुत मोटिवेट करती है। पेपर काफी अच्छा हुआ है।
पारूषी, मुल्तानी चौक, हिसार
- मैं दो पिछले साल से नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। एमबीबीएस बनना मेरा सपना है। इस सपने को पूरा करने के लिए मैं खूब महनत करूंगी।
संध्या, गांव छपार, भिवानी
- मेरी नीट की परीक्षा काफी बेहतर हुई है। चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने के लिए मैं एमबीबीएस बनने के लिए मेहनत कर रही हूं। मेरा विश्वास है कि मैं मेरा सपना पूरा जरूर करूंगी।
निशा, कुंदनापुर, हांसी।
-एमबीबीएस बनने की प्रेरणा मुझे मेरे पिता से मिली है और मैं मेरे पिता का सपना पूरा करने के लिए मन लगाकर पढ़ाई कर रही हूं। मेरा नीट का एग्जाम अच्छा हुआ है।
ज्योति भाटिया, भूना, फतेहाबाद