तरसेम नगर में विवादित गली के मामले में 33 कब्जाधारियों को थमाए नोटिस
हिसार। तरसेम नगर में विवादित गली मामले में बुधवार को 33 कब्जाधारियों को नोटिस थमाए। साथ ही निगमायुक्त ने मामले में 68 दिनों चल रहे धरने को भी समाप्त करवाया। खास बात यह है कि जिन लोगों को कब्जे के मामले में नोटिस थमाए गए गए हैं, उनमें तरसेम नगर के साथ लगते सेक्टर एक के दिन प्लॉटधारकों सहित कुछ धरनारत लोग भी शामिल हैं।
बता दें कि कप्तान स्कूल से विनोद नगर तक रोड की चौड़ाई 30 फुट से ज्यादा है, जबकि तरसेम नगर के पास रोड की चौड़ाई मात्र 10-12 फुट है। लोगों का आरोप था कि कुछ लोगों ने रोड की जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है। इसे लेकर स्थानीय कुछ लोग 9 जुलाई को धरने पर भी बैठ गए थे। 22 जुलाई को जेसी बेलिना ने मौके का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने गली की पैमाईश करवाने के आदेश दिए थे। 21 अगस्त को टीम ने मौके की पैमाईश की थी। इस पैमाईश में सामने आया था कि कॉलोनाइजर ने ही रोड की जमीन को बेच दिया था।
नोटिस में सात दिन का दिया समय
लोगों को दिए गए नोटिस में निगम द्वारा कब्जाधारियों को सात दिन के अंदर कब्जों को अपने खर्चे पर हटाने को कहा गया है ताकि इस रास्ते को पक्का करवाया जा सके। साथ कहा गया है कि ऐसा न करने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कॉलोनाइजर की ही मानी जा रही है गलती
इस मामले में कॉलोनाइजर की ही गलती मानी जा रही है। लोगों के अनुसार कॉलोनाइजर ने सजरा में रंग भरे रास्ते को ही बेच दिया। नियमानुसार सजरे में रंग भरे हुए रास्ते को बेचा नहीं जा सकता है। अब स्थिति यह है कि लोग इन जमीन की रजिस्ट्री व इंतकाल भी करवा चुके हैं।
तिलक नगर की सोसायटी के खिलाफ कार्रवाई की उठाई मांग
इस दौरान लोगों ने तरसेम नगर के साथ लगते तिलक नगर की नेशनल प्रगति वेेलफेयर सोसायटी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। लोगों का कहना था कि उक्त सोसायटी रजिस्टर्ड नहीं है, जबकि उसके द्वारा कार्ड पर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। लोगों का कहना था कि उन्होंने इस बारे में संबंधित विभाग से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस दौरान पार्षद मनोहर लाल, पार्षद जयप्रकाश, एक्सईएन जयवीर सिंह डूडी, जेई कुलदीप, जेई कुशल, पूर्व पार्षद सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
वर्जन
इस मामले में कॉलोनाइजर ही पूरी तरह से दोषी है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही लोगों को वर्तमान रेट के हिसाब से जमीन का मुआवजा व मकान बनाने का खर्च मिलना चाहिए।
मनोहर लाल वर्मा, पार्षद