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नशा करना है तो पढ़ाई का करो, सफलता मिलेगी

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कार्यक्रम के दौरान पुलिस हेडक्वार्टर डीएसपी अशोक कुमार, छात्राओं से संवाद करते। संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। नशा ही करना है तो पढ़ाई का करो। इस नशे से आप बर्बादी की ओर नहीं, बल्कि सफलता की राह पर आगे बढ़ेेंगे। हर लड़की के पास लोकल थाने ओर एसएचओ का नंबर जरूर होना चाहिए, ताकि जरूरत के समय मदद मिल सके। यह कहना है पुलिस हेडक्वार्टर डीएसपी अशोक कुमार का। वह शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से पटेल नगर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि निजी जिंदगी और सोशल मीडिया पर किसी तरह की फोटो अपलोड न करें। क्योंकि असामाजिक तत्व ब्लैकमेल करने की ताक में रहते हैं। लोक लाज के डर से बचने के लिए कुछ लड़कियां सुसाइड का प्रयास भी करती हैं। इस दौरान सात छात्राओं ने डीएसपी से सीधे संवाद कर अपने अधिकारों के बारे में जाना। छात्रा आस्था ने पूछा कि अगर सेल्फ डिफेंस करने के दौरान सामने वाले के हाथ-पैर टूट जाए तो क्या हम पर कार्रवाई होगी। जिस पर डीएसपी ने लड़कियों पर कार्रवाई करने की बजाय सेल्यूट करने की बात कही। प्राचार्य अजय ने बताया कि डीएसपी साहब ने विद्यार्थियों के साथ अधिकारों के बारे में संवाद किया है। इसके लिए अमर उजाला और डीएसपी का धन्यवाद करते हैं।
सर ने जो हमें हमारे अधिकारों के बारे में बताया है। उन्हें जानकार अच्छा लगा। कुछ नए अधिकारों के बारे में भी पता चला है, जिसका सभी को पता होना चाहिए। - वर्षा, छात्रा
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लड़कियों को चाहिए कि वे अपने अधिकारों के बारे में गंभीर रहें। इसलिए जरूरत है तो उन अधिकारों को जानने और इस्तेमाल करने की। - शिवानी, छात्रा
मुझे पहले पता नहीं था कि यदि कोई लड़की अपने बचाव करते समय असामाजिक तत्व को नुकसान पहुंचती है तो क्या लड़की पर कार्रवाई होती है। सर ने बताया कि ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई पीड़ित पर नहीं हो सकती। - आस्था, छात्रा
अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो हमें हेल्पलाइन नंबर 112 डॉयल करना चाहिए। जिसे हर व्यक्ति को जानने की जरूरत है। - अन्नू, छात्रा
लड़कें-लड़कियों के बीच समझे जाने वाले अंतर को लेकर मैंने सवाल किए थे। जिसे डीएसपी सर ने संतोषजनक तरीके से जवाब दिए हैं। साथ ही अन्य अधिकारों में जाकर अच्छा लगा। - मंजू, छात्रा
चाहे लड़की हो या फिर लड़कें। दोनों को अपने-अपने अधिकार और मर्यादा पता होनी चाहिए। तभी हम आगे बढ़ सकेंगे। हमें चाहिए कि हर लड़की को अपने अधिकारों का पता होना चाहिए। - नरिमा, छात्रा
हमें पहले खुद को बदलना होगा, तभी हमें दूसरों को नसीहत देना चाहिए। जहां तक लड़कियों की बात है तो वे आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। हर जगह बेटियां सफलता पा रही हैं। - करिश्मा, छात्रा
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डीएसपी सर से संवाद कर अच्छा लगा। अपने अधिकारों के बारे में काफी कुछ जानकारी मिली है। - प्रीति, छात्रा।
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