सिरसा। घर में घुसकर हमला करने के मामले में न्यायालय ने एक महिला सहित चार आरोपियों को दोषी करार देकर परिवीक्षा पर रिहा कर दिया। न्यायालय ने दोषियों को आदेश दिया है कि एक वर्ष तक वे शांतिपूर्वक हर शख्स से अच्छा व्यवहार करेंगे और जब भी उन्हेें न्यायालय द्वारा बुलाया जाए उन्हें पेश होना होगा। अगर एक साल की अवधि शांतिपूर्वक नहीं बिताई तो न्यायालय परिवीक्षा रद्द कर सजा देगा। न्यायालय ने दोषियों को 25 हजार रुपये के एतद्दवार बांड पर परिवीक्षा में रिहा किया है।
न्यायालय ने दोषियों को परिवीक्षा पर इसलिए रिहा किया क्योंकि उनकी स्थिति सामान्य नहीं है। दोषी मनजिंदर सिंह ने फैसले से पहले न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार को बताया कि उसके बच्चे छोटे हैं और वह एकमात्र कमाने वाला है। दोषी राजा सिंह के परिवार की हालत अच्छी नहीं। दोषी रूप सिंह ने न्यायाधीश को बताया कि वह बुजुर्ग है और दिल की बीमारी से ग्रस्त है। दोषी अमरजीत कौर ने कहा कि वह अक्सर बीमार रहती है और उसे भी दिल की बीमारी है। दोषियों की बात सुनने के बाद न्यायाधीश मनीष कुमार ने फैसला सुनाया कि दोषियों से पहली बार अपराध हुआ है और उनका पूर्ववत नकारात्मक नहीं है। इस स्थिति में वे उन्हें परिवीक्षा पर रिहा किया जा सकता है। बता दें कि इस मामले में शहर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 9 अप्रैल 2017 को केस दर्ज किया था।
ये है पूरा मामला
मामले के अनुसार गांव मसीता निवासी सुखजिंदर 7 अप्रैल 2017 को अपने घर चारपाई पर सोया हुआ था। इसी दौरान मनजिंदर सिंह, राजा सिंह, रूप सिंह व अमरजीत कौर उसके घर आए और तेजधार हथियार से हमला कर दिया। हमले में सुखजिंदर सिंह बुरी तरह घायल हो गया। उसे पड़ोस के लोग उपचार के लिए सामान्य अस्पताल ले गए। घटना की सूचना मिलने पर शहर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और सुखजिंदर का बयान दर्ज करके आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।