हरियाणा शिक्षा विभाग ने एक पत्र जारी कर प्रदेशभर के 36 आरोही स्कूलों में बने कन्या छात्रावास में सामान्य वर्ग की बेटियों को छात्रावास सुविधा से वंचित कर दिया है। ये फैसला शिक्षा सत्र 2022-23 से लागू किया गया है। पिछले सत्र तक सामान्य वर्ग की छात्राओं का भी छात्रावास की सुविधा उपलब्ध थी।
मेरी बेटी का मैंने सातवीं कक्षा में दाखिला करवाया ताकि बेटी गर्ल्स हॉस्टल में रहकर अच्छी पढ़ाई कर सके। सोमवार को पता लगा बेटी को हॉस्टल ही नहीं मिल सकेगा। यह गलत निर्णय है। शिक्षा विभाग को अपना फैसला बदलना चाहिए। - मनोज कुमार, निवासी खारिया।
मेरी बेटी आरोही स्कूल भिवानी रोहिल्ला में जाती है। खारिया से भिवानी रोहिल्ला के लिए कोई बस सुविधा नहीं है। रोजाना बेटी को स्कूल छोड़कर लाने-ले जाने के लिए आना पड़ता है। शिक्षा विभाग सुविधाओं के नाम पर इस तरह से जातीय आधार पर भेदभाव गलत है। - शिवलाल, निवासी खारिया।
मेरी बेटी आठवीं कक्षा में आरोही स्कूल भिवानी रोहिल्ला में जा रही है। इस बार बेटी को हॉस्टल में छोड़ना चाहता था। शिक्षा विभाग को नए फैसले को बदलना चाहिए। सभी को समान अवसर मिलना चाहिए। - सुरेश मेहरा, निवासी सीसवाला।
ये लिखा है जारी पत्र में
शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में डीपीसी को दिए आदेश में लिखा है कि नौवीं से बारहवीं कक्षा तक की लड़कियों को हॉस्टल अलॉट होने के बाद बची खाली 15 प्रतिशत सीटों पर छठी से आठवीं तक की एससी, बीसी, बीपीएल और अल्पसंख्यक समुदाय की छात्राओं को हॉस्टल दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने एक पत्र जारी कर हॉस्टल में एससी ,बीसी, अल्पसंख्यक समुदाय और बीपीएल बेटियों को रखने के आदेश दिए हैं। विभाग ने सामान्य वर्ग की बेटियों को हॉस्टल में न रखने का फैसला लिया है। हमें विभाग के आदेशों का पालन करना पड़ेगा। - ज्ञान सिंह, डीपीसी हिसार।
कहां चल रहे आरोही स्कूल