एचएयू में प्रोफेसर्स व वैज्ञानिकों के 77 खाली पदों पर नए साल में भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए 31 जनवरी तक आवेदन किया जा सकता है। जिला विस्तार विशेषज्ञ के विभिन्न विभागों के लिए सबसे अधिक 31 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। लंबे इंतजार के बाद वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसंबर को विश्वविद्यालय ने इसके लिए विज्ञप्ति जारी की। नए कुलपति केपी सिंह के प्रयासों के बाद सरकार ने 77 पदों को भरने की स्वीकृति दी थी। डिस्ट्रिक एक्सटेंशन स्पेशलिस्ट के 31 पदों के अलावा 15 असिस्टेंट साइंटिस्ट और असिस्टेंट प्रोफेसर के चार पदों पर भी भर्तियां होंगी।
इन पदों के लिए मांगे आवेदन
जूनियर प्लांट फिजियोलॉजिस्ट 1, जूनियर एग्रोनॉमिस्ट 3, असिस्टेंट एग्रोनॉमिस्ट 2, असिस्टेंट सॉयकोलॉजिस्ट 1, जूनियर माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट 1, जूनियर साइंटिस्ट 1, जूनियर एंटमोलॉजिस्ट 1, असिस्टेंट एंटमोलॉजिस्ट 1, असिस्टेंट प्लांट पैथोलॉजिस्ट 2, जूनियर ब्रीडर 1, जूनियर मेज एंटमलॉजिस्ट 1, असिस्टेंट पैथोलॉजिस्ट 2, जूनियर प्लांट पैथोलॉजिस्ट 1, जूनियर सॉयल वॉटर इंजीनियर 1, जूनियर सॉयल केमिस्ट 1, असिस्टेंट वेजिटेबल ब्रीडर 1, असिस्टेंट नेमाटोलॉजिस्ट 1, जूनियर मेंटोलॉजिस्ट 1, जूनियर एग्रोनोमिस्ट के एक पद के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
केवल 435 पद बचे हैं
एचएयू में भर्तियों का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। विवि में सेंक्सन 1035 पदों में से करीब 435 पद ही वर्तमान मेें बचे हुए हैं। प्रोफेसर्स व वैज्ञानिकों की घटती संख्या के कारण विवि की रिसर्च, टीचिंग व एक्सटेंशन आदि कार्य लगातार प्रभावित हो रहे थे। टीचिंग एसोसिएशन द्वार लंबे समय से पदों को भरने की मांग की जा रही थी। नए कुलपति के आने के आने के बाद भर्तियों को लेकर उम्मीद बढ़ गई थी। उन्होंने सरकार को मनाया और विवि को 77 पदों पर भर्तियां करने की स्वीकृति मिल गई। हालांकि माना जा रहा है कि इन भर्तियों से विवि की जरूरत पूरी नहीं होने वाली। लेकिन लगातार हो रही रिटायरमेंट से विवि को एक बार कुछ राहत जरूर मिल जाएगी।
नागरिक अस्पताल में मिलेगा काला पीलिया का इलाज
नव वर्ष के पहले महीने में शहर के नागरिक अस्पताल में हैपेटाइटिस सी का उपचार संभव हो जाएगा। इस रोग के उपचार के लिए अस्पताल में विशेष रूप से एचसीवी (हैपेटाइटिस सी वायरस) सेंटर बनाया गया है। उम्मीद है कि जनवरी महीने में पहले पखवाड़े के बाद अस्पताल में एचसीवी सेंटर का शुरू हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. नरेश सत्संगी को इस सेंटर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। डॉ. सत्संगी ने बताया कि सेंटर में इस रोग से पीड़ित रोगियों का उपचार सप्ताह के हर बुधवार को हो सकेगा। सुबह 9 बजे से 12 बजे तक अस्पताल परिसर के वार्ड 11 में बनाए गए एचसीवी सेंटर में इसकी ओपीडी होगी। उन्होंने कहा कि हैपेटाइटिस सी को काला पीलिया के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि यूं तो हैपेटाइटिस ए, बी, सी, डी व ई हैं, लेकिन इनमें सबसे खतरनाक हैपेटाइटिस सी का उपचार होना जरूरी और मुश्किल होता है। अभी तक इस रोग के लिए टैबलेट्स नहीं होती थी, मगर हाल ही में रिसर्च करके इस रोग की प्रभावी टैबलेट्स आनी शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हैपेटाइटिस सी का उपचार यदि समय पर शुरू न हो तो यह कैंसर का रूप ले सकता है। मगर दवाओं के जरिए इस पर समय रहते रोक लगाई जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हिसार जिले में हैपेटाइटिस सी से ग्रस्त रजिस्टर्ड रोगियों की संख्या 200 के करीब है। इन रोगियों का उपचार फिलहाल पीजीआई रोहतक और दिल्ली में चल रहा था। अब हिसार में भी उपचार संभव होने की स्थिति में जनवरी के आखिरी सप्ताह से इस रोग से प्रभावित व्यक्ति का उपचार यहां सिविल अस्पताल में भी हो सकेगा। विभाग इसकी तैयारी में जोरशोर से जुटा है।
20 प्रतिशत से कम लाइनलॉस वाले गांवों को आज से मिलेगी 24 घंटे बिजली
जिले के गांव में पहली बार शहरों की तर्ज पर 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश सरकार ने 20 प्रतिशत से कम लाइन लॉस वाले गांवों में एक जनवरी से 24 घंटे बिजली मुहैया करवाने की घोषणा की है। आदमपुर बिजली उपमंडल के तहत आने वाले गांव सीसवाल व सीसवाल ढाणी को नए वर्ष पर सरकार ने 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने का तोहफा दिया गया है। इन गांवों को 20 प्रतिशत से कम लाइनलॉस होने के कारण चुना गया है। इससे 1950 बिजली उपभोक्ताओं को फायदा होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के 126 एटीएम होंगे अपडेट
हिसार। नए साल पर ग्रामीणों क्षेत्रों में कैश की समस्या दूर की जाएगी। लीड बैंक मैनेजर आरके ढींगरा ने बताया कि जिले में 326 एटीएम हैं जिनमें से 200 से अधिक एटीएम को अपडेट किया जा चुका है। लेकिन ये सभी एटीएम शहरी क्षेत्रों में हैं। बाकी 126 एटीएम ग्रामीण क्षेत्रों में है, जिन्हें जल्द ही अपडेट किया जाएगा। नववर्ष पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंकों की शाखाओं में भी पर्याप्त कैश उपलब्ध हो पाएगा। वहीं पांच सौ के नए नोट भी एटीएम में उपलब्ध हो पाएंगे। वहीं नोटबंदी के बाद भी कुछ बैंकों में इक्का-दुक्का लोग पुराने नोट जमा करने के लिए पूछताछ करने आए। गौरतलब है कि पुुराने नोटों को जमा करने के लिए सरकार ने 30 दिसंबर तक का समय दिया था।