इंतकाल के नाम पर समर्थक से रिश्वत लेने का आरोप लगाकर नवनिर्वाचित विधायक गोकुल सेतिया ने तहसीलदार को खरी-खरी सुनाई। वीरवार को उनके जानकार व्यक्ति से इंतकाल के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने का मामला सामने आया।
चुनाव जीतने के बाद हिसार के नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया एक्शन मोड में हैं। इंतकाल के नाम पर समर्थक से रिश्वत लेने का आरोप लगाकर नवनिर्वाचित विधायक गोकुल सेतिया ने तहसीलदार को खरी-खरी सुनाई। वीरवार को उनके जानकार व्यक्ति से इंतकाल के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने का मामला सामने आया।
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार दस हजार रुपये की रिश्वत पटवारी को देने के बाद संबंधित व्यक्ति ने नवनिर्वाचित विधायक गोकुल सेतिया से शिकायत की। इसके बाद गोकुल सेतिया ने तहसीलदार को फोन लगाया। गोकुल सेतिया ने कहा कि तहसीलदार साहब, अशोक कुमार नाम से कोई इंतकाल चढ़वाया है। इसको लेकर आपके पटवारी ने 10 हजार रुपये लिए हैं। वह चार महीने से चक्कर काट रहे थे।
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गोकुल सेतिया ने कहा कि आप उन्हें बोल दो कि बंदे बन जाओ। इस तरह से काम नहीं चलेगा। बेशक सरकार नहीं है, जो पहले कर लिया सो कर लिया। अब यह बर्दाश्त नहीं होगा। जो इस तरह का काम करेगा, उसका विधानसभा में जुलूस निकाल दूंगा। मैं खुद भी विजिलेंस को बोलूंगा और खुद जाकर भी आउंगा।
गोकुल ने 7234 वोटों के अंतर जीता चुनाव
बता दें कि सिरसा सीट से चुनाव जीते गोकुल सेतिया को कांग्रेस ने मैदान में उतारा था। वहीं भाजपा ने इस सीट पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था। गोकुल सेतिया ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, तो गोपाल कांडा हरियाणा लोकहित पार्टी से कांडा को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में गोकुल सेतिया ने गोपाल कांडा 7234 वोटों के अंतर से हराया है। सिरसा विधानसभा सीट से गोपाल कांडा ने साल 2019 में चुनाव जीता था। तब गोकुल सेतिया को कुल 79020 वोट मिले थे और गोपाल कांडा को 71786 वोट पड़े थे। इस बार गोकुल सेतिया ने अपनी हार का बदला चुकता किया है।