निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले करने में स्कूल मुखियाओं की मनमानी के खिलाफ सोमवार को शिक्षा विभाग की विभिन्न टीमों ने हिसार में छापा मारकर कार्रवाई की। एनसीईआरटी की किताबों की जगह प्राइवेट प्रकाशन की किताबें विद्यार्थियों को बेचते हुए पाए गए। स्कूलों के मुखिया विद्यार्थियों को एक ही दुकान से स्कूल की वर्दी व पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य करते हुए मिले। शिक्षा विभाग की टीम ने पांच स्कूलों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
अधिकतर स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर 5वीं कक्षा तक की पुस्तकें प्राइवेट प्रकाशन की मिली। छठी से लेकर नौवीं क्लास की कई पुस्तकें ऐसी मिलीं, जिनकी कीमत करीब दो-दो हजार रुपये थी। निजी स्कूल मुखिया द्वारा ऐसे प्राइवेट प्रकाशन की किताबें लगवाई गई हैं, जिनकी किताबें बाजार में आसानी से नहीं मिलती।
पुस्तकों के मूल्य भी अपनी मर्जी से लिखे गए हैं। कुछ स्कूल ऐसे भी मिले, जिनके परिसर में ही किताबों की दुकान खुली मिली। उन दुकानों पर निजी प्रकाशन की किताबें रखी हुई पाई गई। शिक्षा विभाग की टीम को अभिभावकों ने यह शिकायत करते हुए बताया कि निजी स्कूल मुखिया ने अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं।
फीस व पुस्तकों का रेट भी कम नहीं करते हैं। नियमों को ताक पर रख कर स्कूलों में प्राइवेट प्रकाशन की पुस्तकें विद्यार्थियों को देने वाले, एक ही दुकान से स्कूल से वर्दी खरीदने के लिए पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य करने वाले 5 स्कूल संचालकाें को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप सिहाग ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार सोमवार को शिक्षा विभाग की विभिन्न टीमों ने कई निजी स्कूलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनकी टीम सेंट सोफिया स्कूल, ब्लूमिंग डेल्स स्कूल, न्यू यशोदा स्कूल, विश्वास सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेंट मैरी स्कूल में चेकिंग की। इस दौरान जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संतोष नागर, जिला गणित विशेषज्ञ संदीप सिंधु, जिला विज्ञान विशेषज्ञ नरेंद्र भाटिया सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
स्कूल में यह मिले हालात
सेंट सोफिया स्कूल
जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप सिहाग ने बताया कि सेंट सोफिया स्कूल में पहली कक्षा से पांचवीं तक एनसीईआरटी की पुस्तकों की जगह प्राइवेट प्रकाशन की पुस्तकें लगवाई हुई हैं। कक्षा 4 की गणित की पुस्तक का मूल्य एनसीईआरटी की पुस्तक से कई गुना ज्यादा मिला। नोटबुक व अन्य पुस्तकों का रेट भी ज्यादा लगाया हुआ पाया गया।
ब्लूमिंग डेल्स स्कूल
डीईओ ने बताया कि ब्लूमिंग डेल्स स्कूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक सभी पुस्तकें प्राइवेट प्रकाशन की लगवाई हुई मिली। अभिभावकों को पुस्तकें लेने के लिए विशेष स्कूल का नाम बताया जा रहा था।
न्यू यशोदा पब्लिक स्कूल
डीईओ ने बताया कि न्यू यशोदा पब्लिक स्कूल परिसर में ही किताबों की दुकान खुली हुई मिली। कक्षा पहली से दसवीं तक एनसीईआरटी की कोई भी पुस्तक नहीं मिली। स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों को कहा गया था कि एनसीईआरटी की पुस्तकें मार्केट में उपलब्ध नहीं है। इसलिए प्राइवेट प्रकाशन की पुस्तकें ही खरीदनी होगी।
विश्वास सीनियर सेकेंडरी स्कूल
डीईओ ने बताया कि विश्वास सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा की एनसीईआरटी की पुस्तकों के साथ-साथ प्राइवेट प्रकाशन की पुस्तकें भी लगी हुई मिली। प्रिंसिपल ने बताया की हमने पिछले चार साल से पुस्तकें नहीं बदली है तथा बच्चे पुरानी पुस्तकें भी ले सकते हैं।
सेंट मैरी स्कूल
जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप सिहाग ने बताया कि अन्य स्कूलों की तरह इसमें भी कक्षा 5 तक प्राइवेट प्रकाशन की पुस्तकें मिली। प्रिंसिपल से बात करने पर उन्होंने बताया की उन्होंने अभिभावकों की इच्छा पर ही प्राइवेट प्रकाशन की पुस्तकें लगवाई हैं।
जिन-जिन निजी स्कूलों में नियम के खिलाफ पुस्तक व वर्दी खरीदने में एक ही दुकान से विद्यार्थियों को बाध्य करते हुए पाया गया है। जिन स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों की जगह प्राइवेट प्रकाशन की पुस्तकें मिली है। इन सभी स्कूलों के मुखिया उनसे स्पष्टीकरण मांग लिया गया है। सभी स्कूलों की रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी है। रिपोर्ट आने के बाद में स्कूलों के खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार