हिसार। गेहूं की फसल कटने के साथ ही सड़कों पर नीलगायों के झुंड निकल चुके हैं। कहीं, नील गाय आपकी जान न लील ले। ऐसे में खुद ही संभलकर चलना होगा। इन नीलगायों से रोजाना हादसे भी हो रहे हैं। ग्रामीण एरिया में नीलगायों की गंभीर समस्या बनी हुई है। रविवार को मतलौडा गांव के पास पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की गाड़ी के आगे अचानक नील गाय आ गई। इस दौरान वह बाल-बाल बच गए। मगर उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। इन दिनों सड़कों पर ज्यादा नीलगाय आने का कारण फसल कटाई बताया जा रहा है। वहीं, हिसार के डियर पार्क में तीन नीलगायों का उपचार भी चल रहा है। रविवार को मंगाली के पास स्याहड़वा माइनर में एक नील गाय गिर गई थी। मंगाली से जीव रक्षा से जुड़े सदस्य गाय को लेकर डियर पार्क पहुंचे।
वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर दिनेश जांगड़ा ने बताया कि गेहूं, सरसों और जौ की कटाई का सीजन चल रहा है। इन फसलों की कटाई के साथ ही वन्य जीवों को छिपने की जगह नहीं मिल पाती। आज हर खेत के साथ ही ढाणियां बनी हुई हैं। ऐसे में ढाणियों में रह रहे कुत्ते इन नीलगाय के पीछे पड़ जाते हैं। इस कारण नील गायों का झुंड खेतों से निकलकर सड़कों पर आ रहा है। लोग हादसे का शिकार भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब तक फसल कटेगी, तब तक नीलगायों की ज्यादा समस्या रहेगी। ऐसे में खुद को ही संभलकर चलना होगा।
वन्य प्राणी विभाग की ओर से यहां-यहां लगाए गए हैं संकेत बोर्ड
वन्य प्राणी विभाग की ओर से उन क्षेत्रों में संकेत बोर्ड लगाए गए हैं, जहां नीलगाय ज्यादा रहती हैं। विभाग की ओर से धांसू रोड, सिरसा रोड पर बीएसएफ के पास, कैंट के पास, फतेहाबाद के गांव बड़ोपल, धांगड़, हिसार में बीड़ के पास सहित अन्य एरिया में बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्ड पर लिखा है कि वाहन धीरे चलाएं। यह वन्य प्राणी बाहुल्य क्षेत्र है।
फसल कटाई के बाद खेत खाली होने के कारण नीलगाय ज्यादा सड़कों पर आ रही हैं। इनसे हादसे भी हो रहे हैं। ऐसे में हमें खुद ही संभलकर चलने की जरूरत है। हमारी ओर से जगह-जगह संकेत बोर्ड भी लगाए हुए हैं।
- दिनेश जांगड़ा, वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर