हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने अपने ही इंदिरा चक्रवर्ती गृह विज्ञान महाविद्यालय को देशभर में पहली रैंक दी है। यह रैंक राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और केंद्रीय कृषि महाविद्यालयों में दी गई। विवि प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021 के लिए जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान महाविद्यालय को यह उपलब्धि हासिल हुई है। जबकि एनआईआरएफ की वेबसाइट पर ऐसी कोई श्रेणी नहीं है। हकीकत में एनआईआरएफ रैंकिंग में होम साइंस कॉलेज को कॉलेज श्रेणी में 38वां स्थान दिया गया है।
एनआईआरएफ वेबसाइट के अनुसार एनआईआरएफ राज्य कृषि विश्वविद्यालयों व केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों की या उनके कॉलेजों की कोई रैंक जारी नहीं करता। एनआईआरएफ ने 12 श्रेणियों में रैंकिंग जारी की है, जिनमें ओवरऑल, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मसी, कॉलेज, मेडिकल, लॉ, आर्किटेक्चर, डेंटल और रिसर्च श्रेणी शामिल हैं। एचएयू के होम साइंस कॉलेज ने कॉलेज श्रेणी में देशभर में 38वां स्थान हासिल किया है। केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021 के लिए जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में देशभर से 1802 कॉलेज शामिल हुए थे।
विश्वविद्यालय ने ओवरऑल श्रेणी में नहीं किया आवेदन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने एचएयू को ओवरऑल श्रेणी की रैंकिंग के लिए आवेदन ही नहीं किया, जिसमें देशभर के संस्थान हिस्सा लेते हैं। देश के 1657 शिक्षण संस्थानों ने इसमें हिस्सा लिया था। हालांकि एचएयू के इंजीनियरिंग कॉलेज ने एनआईआरएफ रैंकिंग के लिए अप्लाई तो किया, लेकिन रैंक नहीं हासिल हुई।
प्रथम रैंक को कुलपति ने भी बताया उपलब्धि
विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रेस विज्ञप्ति में प्रथम रैंक हासिल करने पर कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने इसे बड़ी उपलब्धि बता दिया और सभी को बधाई दी। प्रो. कांबोज ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा हासिल की जाने वाली नित्त उपलब्धियों के कारण ही आज राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस विश्वविद्यालय की अलग पहचान है। गृह विज्ञान महाविद्यालय द्वारा प्रथम रैंकिंग हासिल करना बहुत ही गौरव की बात है। इस रैंकिंग के लिए देशभर से यूजीसी व आईसीएआर के अंतर्गत साइंस, कला संकाय, सोशल साइंस व अपलाइड सांइस के महाविद्यालय शामिल किए गए थे। उन्होंने बताया कि होम साइंस महाविद्यालयों की कैटेगरी में प्रदेश में प्रथम जबकि देशभर में दूसरी रैंकिंग हासिल की है। जबकि हकीकत में एनआईआरएफ ने होम साइंस महाविद्यालयों की कैटेगरी में कोई रैंकिंग जारी ही नहीं की।