हांसी (हिसार)। हांसी बार एसोसिएशन के चुनाव को स्थगित कर दिया गया है। चुनाव अब जनवरी 2022 में होंगे। चुनाव स्थगित करने के पीछे कारण वोटर लिस्ट बताया जा रहा है। बार एसोसिएशन का चुनाव दो गुटों के विवाद के चलते स्थगित हुआ। बार एसोसिएशन के चुनाव शुक्रवार को होने थे, लेकिन ऐन समय पर चुनाव को स्थगित कर दिया गया।
दरअसल बार एसोसिएशन के 401 सदस्य हैं। सदस्यों को प्रति वर्ष अपनी सदस्यता शुल्क देकर एनओसी लेना होता है। इसके लिए पहले अंतिम तारीख 3 नवंबर थी। तब दीपावली व त्योहारों के चलते तारीख को बढ़ाकर 8 नवंबर किया गया। इस दौरान लघु सचिवालय के समक्ष किसानों ने घेराव कर रखा था। जिसके चलते बार एसोसिएशन ने चार दिन वर्क सस्पेंड रखा था। 67 सदस्य फीस जमा नहीं करवा पाए थे। चुनाव की घोषणा हुई तो एसोसिएशन की एक मीटिंग में पिछली कार्यकारिणी का कार्यकाल एक वर्ष और बढ़ा दिया था, जिसके बाद 401 सदस्यों के वोटर लिस्ट की घोषणा हुई। जिस पर एक वकील ने बार काउंसिल के समक्ष आपत्ति दायर की व चुनाव करवाने की मांग की थी। साथ ही वोटर लिस्ट को लेकर भी आपत्ति जताई। बार काउंसिल ने फैंसला दिया को ये 67 वोट गलत हैं। इसलिए इन वोटों को काट दिया जाए। जिन सदस्यों के वोट कटे वह मामले को हाईकोर्ट में ले गए। हाईकोर्ट ने काउंसिल के फैसले को गलत बता आदेश दिया की बार काउंसिल मामले में सुनवाई दुबारा से करें। बार काउंसिल ने चुनाव के लिए एक इलेक्शन कमेटी का गठन किया और कहा कि मामले को कमेटी देखेगी व चुनाव भी कमेटी करवाएगी। तीन सदस्य कमेटी का गठन हुए जिसमें प्रधान पवन रापड़िया, एडवोकेट सूरजमल जाखड़ व एडवोकेट वीरेंद्र सिंह यादव शामिल थे। कमेटी को आदेश देर रात को मिले। जिस पर कमेटी ने चुनाव स्थगित करने का फैसला लिया। साथ ही चुनाव को हांसी बार एसोसिएशन के नियमों के तहत करवाने की बात हुई। एसोसिएशन के नियमों के अनुसार 31 दिसंबर तक सदस्यता शुल्क जमा करवाया जा सकता है।
3 जनवरी को होगी मीटिंग
कमेटी ने अब फैसला लिया है कि 31 दिसंबर तक सदस्य फीस जमा करवाएंगे। 3 जनवरी को मीटिंग होगी। बार काउंसिल ने 3 सदस्य कमेटी बनाई थी। कमेटी द्वारा सदस्यता के विवाद पर कम समय में फैसला लेना मुश्किल था, तो चुनाव स्थगित किए गए। अब 3 जनवरी को मीटिंग कर फैसला लेंगे।
- एडवोकेट पवन रापड़िया, प्रधान, बार एसोसिएशन।