चरखी दादरी। सरकार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है, लेकिन मौजूदा लाचार और कमजोर जनप्रतिनिधियों का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। यह बात भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने रविवार को प्रेस को जारी बयान में कही।
उन्होंने कहा कि भिवानी और महेंद्रगढ़ जिले में भाजपा सांसद व विधायकों में इतना साहस नहीं है कि वे लोगों की आवाज सरकार तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि किसान बाजरे की फसल बेचने के लिए दर- दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं, परंतु उनकी कोई सुनने को राजी नहीं है। पूर्व सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बार-बार बाजरे की फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदने की बात कहते रहे हैं, लेकिन आज बाजरा को खरीदने वाला कोई नहीं मिल रहा है। किसानों को महज 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर योजना के देने का बात की जा रही है, जो नाकाफी है। उन्होंने कहा कि किसान को कम से कम एक हजार रुपये प्रति क्विंटल भावांतर योजना के तहत मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बारिश और जलभराव के कारण सैकड़ों गांवों में किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। सरकार ने स्पेशल गिरदावरी के आदेश जारी कर दिए हैं, लेकिन उसमें भी बड़ा घालमेल है।