हिसार। ऑनलाइन ठगों ने फेसबुक हैकिंग, बैंक कर्मी बनकर, लिंक भेजकर, कार्ड क्लोन बनाकर ठगने के बाद अब ठगी का नया हथियार कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) को बनाया है। केबीसी में लकी व्हाट्सएप नंबर के जरिये 25 लाख रुपये की लॉटरी लगने की बात कहकर ये कथित ठग व्हाट्सएप मैसेज भेज रहे हैं। मैसेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमिताभ बच्चन जैसी हस्तियों की फोटो का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही व्हाट्सएप नंबर भेजकर उस पर कॉल करने का झांसा दिया जा रहा है।
ये लिखा है मैसेज में
इन मैसेज में लिखा है कि ऑल इंडिया सिम कार्ड लकी ड्रॉ कंपीटिशन। बधाई हो केबीसी कौन बनेगा करोड़पति से आप जीते हैं 25 लाख रुपये की लॉटरी। अमर उजाला के पास ऐसे दो मैसेज आए हैं, जिनमें से एक पर 7751073070 और दूसरे पर 8269896769 व्हाट्सएप नंबर प्रकाशित हैं, जिन पर कॉल करने के लिए कहा जाता है। लॉटरी के नंबर भी दिए गए हैं, जो 1122 और 0077 हैं। इन मैसेज के साथ एक व्हाट्सएप ऑडियो मैसेज भी आता है, जिसमें बताया जाता है कि कैसे आपको लॉटरी की रकम मिलेगी।
रुपये डालने के लिए मांगी बैंक खाते की डिटेल
अमर उजाला ने इस संबंध में दिए गए नंबर पर कॉल करके पड़ताल की। सामने से व्यक्ति ने पैसे डालने के नाम पर बार-बार बैंक डिटेल मांगी, लेकिन रिपोर्टर ने उसे बातों में उलझाए रखा और उसके बारे में ही जानकारी जुटाने के प्रयास किए। अंत में उसे शक हुआ तो उसने यह कहकर फोन काट दिया कि भाई साहब आप हमारा टाइम क्यों खराब कर रहे हो। इसी प्रकार अमर उजाला के एक जागरूक पाठक ने ऐसा ही मैसेज भेजकर इसके बारे में जानकारी दी और बताया कि जब उन्होंने दिए गए नंबर पर कॉल करके बात करने वाले की पहचान पूछी तो सामने वाले ने एक आधार कार्ड की फोटो भेजी, जिस पर राजकुमार यादव नाम और वेस्ट बंगाल का पता दिखाया गया था। साथ की इस व्यक्ति का आई कार्ड भी भेजा गया, जिस पर उसे लॉटरी मैनेजर दर्शाया गया है। इस व्यक्ति के आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया हो सकता है, जिस वजह से अमर उजाला आधार कार्ड की फोटो प्रकाशित नहीं कर रहा है।
इसलिए निकाला ठगी का तरीका
दरअसल टीवी पर कौन बनेगा करोड़पति शुरू हो चुका है। ऐसे में ठगों ने इसका इस्तेमाल कर ठगी का नया तरीका निकाला है, लेकिन केबीसी में स्वयं अमिताभ बच्चन भी उनके या चैनल द्वारा इस तरह के किसी लॉटरी या अन्य ऑफर से इनकार करते हुए ऑनलाइन ठगी से बचने के बारे में जागरूक करते हैं।
अब तक ठगी के ये तरीके
ऑनलाइन ठग समय-समय पर ठगी के नए-नए तरीके इस्तेमाल करते हैं। अब तक एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करके या एटीएम बूथ पर किसी व्यक्ति का पिन कार्ड धोखे से पूछकर, बैंक कर्मी बनकर फोन करके बैंक डिटेल पूछकर आम जनता को चूना लगा चुके हैं। इसके अलावा मोबाइल पर विभिन्न साइट्स खोलते समय फर्जी लिंक मोबाइल स्क्रीन पर खुलते हैं, जिनमें तरह-तरह के लालच दिए जाते हैं। अनजाने में लोग उस लिंक पर क्लिक कर देते हैं तो उनके मोबाइल की डिटेल ठगों के पास पहुंच जाती है। मोबाइल बैंक से अटैच हो तो उसकी भी डिटेल जाती है, जिससे ठग आसानी से चूना लगा देते हैं। इसी प्रकार लेटेस्ट फेसबुक हैक करके उसके फेसबुक दोस्तों से पैसे ठगने का तरीका भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
जिले में 26 मामले दर्ज
जिले में इस साल अगस्त माह तक ऑनलाइन ठगी के 26 मामले दर्ज किए गए हैं। जनवरी से अगस्त तक दर्ज इन मामलों में से 14 मामलों में जिला पुलिस को कामयाबी मिली है और पुलिस के साइबर सेल की मदद से उनका निपटान किया जा चुका है, जबकि 10 मामलों की जांच अभी भी चल रही है। दो मामले ऐसे भी हैं, जिनके बारे में पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
पुलिस अधिकारी भी हो चुके हैं ठगी केशिकार
मामला-1 : सेक्टर-13 निवासी प्रतीक भुटानी को ऑनलाइन ठगों ने 11 सितंबर को क्यूआर कोड भेजा। फोन पर उसके पिता की रकम लौटाने की बात कहकर क्यूआर कोड स्कैन करने को कहा। प्रतीक ने जैसे ही उसे स्कैन किया तो उसके आईसीआईसीआई बैंक खाते से दो बार में 12700 रुपये निकाल लिए।
मामला-2 - पुलिस अधिकारी को भी ठगों ने अपना शिकार बनाया। हिसार में तैनात रह चुके डीएसपी राजबीर सैनी फेसबुक आईडी हैक कर उनके फेसबुक मित्रों से ठगों ने रुपयों की मांग की। डीएसपी को समय रहते पता चल गया तो उन्होंने साइबर सेल में इसकी जांच के आदेश दिए और आईडी को बंद करवा दिया।
मामला-3 - डीआईजी और एसपी जींद ओमप्रकाश नरवाल की फेसबुक आईडी को भी ठगों ने हैक कर रुपयों की मांग की। ठग बीमारी की बात कहकर फेसबुक के मित्रों से रुपये मांगते हैं। अधिकारी के मित्रों ने उन्हें फोन कर मामले की जानकारी दी तो उन्होंने तुरंत इसे बंद करवाया। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
ये सावधानियां बरतें
- जिस मोबाइल में आपके बैंक की डिटेल अटैच है, संभव हो तो उसमें पैसा कम ही रखें।
- फोन पर कोई भी बैंक किसी खाते की डिटेल नहीं मांगता, यदि कोई फोन करके ऐसी डिटेल मांगे तो समझो आपके साथ ठगी होने वाली है।
- किसी को भी अपने बैंक संबंधी ओटीपी, डिटेल, सीवीवी नंबर आदि की जानकारी न दें।
- मोबाइल पर अपने बैंक की प्रक्रिया करते समय जब पासवर्ड भरें तो उसे किसी के सामने न भरें।
- मोबाइल पर कोई भी साइट खोलते समय यदि कोई लिंक ब्लिंकिंग करे तो उस पर कभी भी क्लिक न करें।
- आजकल एटीएम कार्ड वाईफाई वाले आए हुए हैं, इसलिए ऐसे कार्ड को अपनी ऊपर की जेब में ही रखें, क्योंकि यह पीछे की जेब होने पर आसानी से कोई भी वाईफाई के जरिये इससे पैसे काट सकता है।
केबीसी के नाम पर ठगी की शिकायत नहीं आई
फिलहाल केबीसी के जरिये ऑनलाइन की कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएगी। पहले के मामलों में अधिकांश का निपटारा कर दिया गया है और बाकी जांच चल रही है।
-विकास कुमार, पीआरओ, एसपी, हिसार।
ऑनलाइन ठगों द्वारा भेजा जा रहा मैसेज, जिस पर केबीसी और अमिताभ बच्चन की फोटो का प्रयोग किया गया है।- फोटो : Hisar