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किसानों ने दो घंटे तक लघु सचिवालय घेरा, तीन दिन का अल्टीमेटम

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प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत करते डीसी डॉ. प्रियंका सोनी, साथ में डीआईजी बलवान राणा - संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। खरीफ सीजन में खराब हुई फसलों के मुआवजे के लिए मंगलवार को किसानों ने लघु सचिवालय का दो घंटे तक घेराव किया। इस दौरान किसान ट्रैक्टर लेकर अंदर जाने के लिए अड़े रहे। हालांकि सुरक्षा के लिए प्रवेश द्वार के बाहर पुलिस और अंदर आरएएफ को तैनात किया गया। बाद में डीसी डॉ. प्रियंका सोनी व डीआईजी बलवान सिंह राणा मेन गेट पर आए और किसानों ने उन्हें मांगपत्र सौंपा।
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परीक्षा पास कर नौकरी हासिल कर लें
किसानों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर तीन दिन में उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 28 अगस्त को महापंचायत में आगामी निर्णय लेंगे। किसानों ने डीसी के सामने कहा कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को नौकरी दी जाए। इस पर डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने दो टूक कहा कि वह इन मांगों को नहीं मान सकती। अगर किसी को नौकरी चाहिए तो आवेदन करें। परीक्षा पास कर नौकरी हासिल कर लें। फसल मुआवजे में गड़बड़ी पर कंपनी के खिलाफ एफआईआर के मामले में डीआईजी बलवान सिंह राणा ने कहा कि आप व्यक्तिगत तौर पर शिकायत दें, हम एफआईआर दर्ज करेंगे। सामूहिक तौर पर कोई बात करने से एफआईआर नहीं हो सकेगी।
बता दें कि किसान 2020 में सूखे, जलभराव व सफेद मक्खी के प्रकोप से खराब हुई फसलों के मुआवजे व बीमा क्लेम के लिए 105 दिनों से लघु सचिवालय के आगे धरना दे रहे हैं। 20 अगस्त को डीसी के साथ हुई बैठक में मांगों पर सहमति नहीं बनने पर किसानों ने लघु सचिवालय को घेराव करने की चेतावनी दी थी।
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किसानों ने सचिवालय के अंदर ट्रैक्टर के साथ इंट्री करने की कोशिश की लेकिन फोर्स ने उनको रोक दिया। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मांग रखी कि वह मांगपत्र देने के लिए दफ्तर में नहीं जाएंगे बल्कि प्रशासन को उनके धरनास्थल पर आकर मांगपत्र लेना होगा। इसके बाद डीसी डॉ. प्रियंका सोनी व डीआईजी बलवान सिंह राणा ने धरनास्थल पर जाकर किसानों ने मांगपत्र लिया। प्रशासन की तरफ से पुलिस बल, आरएएफ, दंगा नियंत्रक वाहन, वाटर कैनन को तैनात किया गया था। करीब दो घंटे तक सभी गेट बंद रहे। लोगों को अपने वाहन दूर दराज खड़े कर पैदल ही अंदर जाना पड़ा।
किसान नेता शमशेर नंबरदार, सूबेसिंह बूरा, संदीप धीरणवास, कुलदीप खरड़, अनिल गोरछी ने बताया कि सरकार उनकी खराब फसलों का न तो मुआवजा दे रही है और न ही कंपनी से उचित बीमा क्लेम दिलवा पा रही है। किसानों ने धरने प्रदर्शन करके अपनी खराब फसल की गिरदावरी करवाई थी। अब क्लेम लेने के लिए प्रदर्शन करने के लिए उनको मजबूर होना पड़ रहा है।

लघु सचिवालय के बाहर ट्रैक्टर पर सवार महिला किसान।- फोटो : Hisar

ट्रैक्टर लेकर लघु सचिवालय के अंदर जाने का प्रयास करते किसानों रोकती पुलिस- संवाद- फोटो : Hisar

लघु सचिवालय के मुख्य द्वार के बाहर तैनात पुलिस बल- संवाद- फोटो : Hisar

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