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किसानों का शक्ति प्रदर्शन : नारनौंद में उपमुख्यमंत्री के प्रस्तावित रैली स्थल पर मुआवजे की मांग के लिए जुटे, पूरा दिन फूली रही प्रशासन की सांसें

Tue, 05 Apr 2022 10:45 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौंद, हिसार (हरियाणा)

सार

5 अप्रैल को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की नारनौंद में रैली प्रस्तावित थी, हालांकि जजपा की ओर से सोमवार को ही रैली स्थगित करने का एलान कर दिया था। किसानों ने भी विरोध का एलान किया था। विरोध के चलते किसानों ने रैली के प्रस्तावित स्थान को ही प्रदर्शन के लिए चुना। 
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बैरिकेड्स लगाकर किसानों को रोकने का प्रयास करते पुलिसकर्मी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सूंडी के कारण वर्ष 2021 में खराब हुई फसल के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने मंगलवार को नारनौंद में प्रदर्शन किया। बारह खाप, पंचग्रामी खाप, सतरोल खाप, संयुक्त किसान सहित अन्य संगठनों के लोग शामिल हुए। 5 अप्रैल को दुष्यंत चौटाला की नारनौंद में रैली प्रस्तावित थी, जिसका किसानों ने विरोध का एलान किया था। विरोध के चलते किसानों ने रैली के प्रस्तावित स्थान को ही प्रदर्शन के लिए चुना। हालांकि जजपा की ओर से सोमवार को ही रैली स्थगित करने का एलान कर दिया था। 

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अनाज मंडी में किसानों की महापंचायत के चलते पूरा दिन प्रशासन की सांसें फूली रही। भारी संख्या में जुटे किसानों ने एक तरफ अपनी ताकत का एहसास करवाया। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वह उपमंडल कार्यालय पर भी ताला जड़ेंगे।

मंगलवार सुबह करीब 10 बजे किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अनाज मंडी में एकत्रित होने शुरू हुए और उसके बाद 12 बजे उन्होंने उपमंडल कार्यालय के लिए कूच किया। अनाज मंडी से उपमंडल कार्यालय तक किसानों का भारी जमावड़ा होने की वजह से पूरा शहर जाम में तब्दील हो गया।
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जैसे ही प्रदर्शनकारी किसान कस्बे के खांडा मोड़ पर पहुंचे तो पुलिस ने उपमंडल कार्यालय के गेट से महज 200 मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाकर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। एसडीएम विकास यादव व तीनों डीएसपी ने किसानों से वहीं पर ज्ञापन लेने और उनसे बात करने की बात कही।

इसी बात पर किसान बिफर गए और किसान नेता सुरेश कोथ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 10 मिनट में बैरिकेड नहीं हटाए गए तो किसान बैरिकेड को तोड़ते हुए उपमंडल कार्यालय में प्रवेश करेंगे। इस पर प्रशासन ने नरम रवैया अपनाते हुए बैरिकेड्स को हटा दिया और किसान उपमंडल परिसर में प्रवेश कर गए। इसके बाद किसानों ने उपमंडल परिसर में सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। 

सतर्कता : तीन डीएसपी, 7 इंस्पेक्टर, 250 पुलिसकर्मी किए तैनात 
किसानों की भीड़ देखकर पुलिस व प्रशासन भी लाचार नजर आया किसानों को उपमंडल परिसर से बाहर रोकने के लिए डीएसपी जुगल किशोर, डीएसपी राज सिंह, डीएसपी धर्मवीर सिंह, 7 इंस्पेक्टर व 250 पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। पुलिस ने खुद बेरिकेड्स हटाकर किसानों को उपमंडल परिसर की तरफ जाने दिया।

किसानों के साथ न टकराए सरकार
किसान नेता सुरेश कोथ, अमरजीत मोड़ी, जगदीप ओलख, दिलबाग सिंह हुड्डा, फूल सिंह श्योकंद, जोगेंद्र नैन, सुदेश गोयत, रीमन नैन ने कहा कि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को अनाज मंडी में रैली रखी थी। हमने उन्हें चेतावनी दी थी कि तब तक रैली नहीं होने देंगे, जब तक किसानों को खराब फसलों का मुआवजा नहीं मिलेगा। किसानों ने अपने वादे के अनुसार यहां पहुंचकर उन्हें चेतावनी दी है कि किसानों के साथ सरकार न टकराए। हमें खराब फसलों का मुआवजा मिले और अभी तक तो हमने सिर्फ खेड़ी तहसील को ही ताला लगाया है। यदि जल्द ही सरकार ने मुआवजा नहीं दिया तो नारनौद एसडीएम कार्यालय पर तालाबंदी करेंगे।   
 

 

मंगलवार को बास नगर पालिका को फिर से ग्राम पंचायत का दर्जा देने और खेड़ी चौपटा पर धरना दे रहे किसानों की मुआवजे की मांग को लेकर एक चिट्ठी लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर सौंपी है। किसानों को मुआवजा नहीं मिलने के लिए सरकारी कर्मचारियों के लापरवाह रवैये का भी जिक्र किया है। सदन की कार्यवाही के दौरान खेड़ी चौपटा के आन्दोलनरत किसानों की समाधान उठाई। -बलराज कुंडू, निर्दलीय विधायक, महम

 

सरकार दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से काम कर रही है। हिसार जिले में बालसमंद व खेड़ी तहसील के किसानों को मुआवजे से वंचित रखा गया है और किसान लगातार मुआवजे को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कोई भी सरकार का प्रतिनिधि किसानों के पास नहीं पहुंचा। - जस्सी पेटवाड़, जिला पार्षद 

 

खेड़ी तहसील के अंतर्गत किसानों की खराब हुई फसल के बारे में एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने किसानों से व कर्मचारियों से इस बारे में रिपोर्ट ली है। वह रिपोर्ट हमने उपायुक्त के माध्यम से मंत्री के पास पहुंचा दी है। इसके अलावा किसानों ने एक ज्ञापन दिया है, जिसे उच्च अधिकारियों के माध्यम से पहुंचा दिया जाएगा। - विकास यादव, एसडीएम, नारनौंद

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