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पांच माह बाद भी नगर निगम अमरूत योजना के तहत पेयजल लाइन बिछाने के बचे हुए काम का नहीं लग सका टेंडर

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नगर निगम के मनोनीत पार्षद राजपाल मांडू चैंबर दिखाते हुए यहां तीन लाइनों का कनेक्शन जोड़ा जाना है? - फोटो : Hisar
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हिसार। नगर निगम पांच माह बाद भी अमरूत योजना के तहत पेयजल पाइपलाइन बिछाने के बचे हुए काम का टेंडर नहीं लगा सका है। पिछले एक साल से वार्ड-11 में लाइन बिछाने का काम बंद पड़ा है। लाइन न बिछने से वार्ड में सड़कों का निर्माण अटका पड़ा है। वहीं मानसून सिर पर है। ऐसे में वार्डवासियों को कीचड़, जलभराव की परेशानी से गुजरना पड़ेगा।
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बता दें कि इस योजना के तहत पेयजल लाइन बिछाने वाली एजेंसी ने पिछले वर्ष मई में काम बंद कर दिया था। बार-बार कहने के बाद भी उसने काम शुरू नहीं किया। इसे देखते हुए निगम प्रशासन ने एजेंसी पर पहले क्लॉज एक, फिर क्लॉज दो व आखिर में क्लॉज तीन के तहत कार्रवाई की। आखिर में जनवरी 2022 में एजेंसी का टेंडर रद्द कर बचे हुए काम के लिए नया टेंडर लगाने का फैसला किया गया। मगर आज तक निगम की तरफ से टेंडर नहीं लगाया जा सका है।
एजेंसी को डेढ़ साल में पूरा करना था काम
अमरूत योजना के तहत एजेंसी को वार्ड 11 में 35 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछानी थी। अक्तूबर 2018 में एजेंसी को काम का वर्क ऑर्डर जारी किया गया था और उसे यह काम मार्च 2020 तक पूरा करना था। पिछले एक साल से काम बंद पड़ा है। इस तरह से एजेंसी ढाई साल में 20 किलोमीटर लंबी लाइन ही बिछा सकी।
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8 में से 2 कॉलोनियों में ही काम हुआ पूरा
अमरूत के तहत वार्ड 11 की 8 कॉलोनियों में पेयजल लाइन बिछाई जानी थी, लेकिन सिर्फ दो कॉलोनियां में ही काम पूरा हो सका, जिनमें हनुमान कॉलोनी व चौधरी कॉलोनी शामिल हैं। वहीं सातरोड़ खुर्द, सातरोड़ खास, बीएचपी कॉलोनी, मास्टर कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी व इंदिरा कॉलोनी में लाइन बिछाने का काम अधूरा पड़ा है।
एजेंसी ने बिना प्लानिंग के किया काम
अमर उजाला संवाददाता ने वार्ड का दौरा किया तो देखा कि एजेंसी बिना प्लानिंग के काम कर रही थी। क्योंकि वार्ड में जितना भी काम हुआ है, उसका फायदा भी वार्ड के लोगों को नहीं मिल रहा है। एजेंसी ने कहीं आधी गली में लाइन बिछाकर अधूरी ही छोड़ दी तो कहीं लाइन तो पूरी बिछा दी, लेकिन मेन लाइन में उसका कनेक्शन हीं नहीं किया। ऐसे में लाइन बिछने का भी लोगों को कोई फायदा नहीं मिला। इसके अलावा कहीं-कहीं नई लाइन में लीकेज संबंधी समस्याएं आ रही हैं, जिस कारण घरों में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है।
अमरूत वार्ड के मुसीबत बन गई है। काम बीच में बंद होने से न तो नई लाइन से पानी मिला और सड़कें भी नहीं बन पा रही हैं। - नसीब सिंह झोरड़
निगम को जल्द से जल्द से काम शुरू करवाना चाहिए ताकि लाइन बिछने के बाद सड़कें भी बनाई जा सकें।
- बख्तावर सिंह सांगवान
मानसून सिर पर है। पिछले तीन वर्षों की तरह इस बार भी कच्ची गलियों के कारण परेशानी झेलनी पड़ेगी।
- सुमित सातरोड़िया
निगम प्रशासन ने एजेंसी के काम की मॉनिटिरिंग नहीं की। तभी ये हालात पैदा हुए हैं। वार्डवासियों को हो रही परेशानी के लिए निगम जिम्मेदार है। - सतीश कुमार
निगम के बढ़िया तो हमारी पंचायत थी। निगम में शामिल होने के इतने साल भी बाद भी हम बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। - सूबेदार धर्मबीर डूडी
पुरानी एजेंसी का टेंडर रद्द हुए हुए कई माह बीत चुके हैं, लेकिन दोबारा से टेंडर नहीं किया गया। निगम को जल्द से जल्द बचे हुए काम को पूरा करवाना चाहिए। - सुनील सिंगल
चार साल पहले जब वार्ड में पेयजल लाइन बिछाने का काम पूरा हुआ था तो उस समय सोचा था कि अब वार्ड का विकास होगा। मगर यहां तो बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। - विनोद कुमार
मेरी गली में न तो अमरूत की लाइन बिछी और न ही पुरानी लाइन है। इस गली के लोग को पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसते हैं। - चंद्र देवी
एजेंसी के काम की अधिकारियों ने कोई मॉनिटिरिंग नहीं की। वह बिना प्लानिंग के काम करता है, लेकिन जिम्मेदारों ने इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं दिया। अगर उसी समय काम की सही मॉनिटिरिंग होती है तो आज वार्ड के लोगों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। - राजपाल मांडू, मनोनीत पार्षद, वार्ड-11
एजेंसी ने क्लॉज थ्री के खिलाफ मुख्यालय में अपील कर दी है। अब मुख्यालय को ही इस मामले में आखिरी फैसला करना है। इसमें कितना समय लगेगा, यह बता नहीं सकते। मैं इस बारे में निकाय मंत्री से बातचीत करूंगा। - गौतम सरदाना, मेयर
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