ोडवेज के रिसोल प्लांट में मशीन से टायर को घिसते ठेकेदार के कर्मचारी। संवाद
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हिसार। रोडवेज का टायर रिसोल प्लांट पांच दिन बंद रहने के बाद मंगलवार को फिर से चालू हो चुका है। प्लांट चालू करने के लिए करनाल से ठेकेदार के दो और हिसार से एक कर्मचारी को बुलाया गया है। मंगलवार को कर्मचारियों ने बसों के 16 टायरों को रिसोल किया। बुधवार को कुछ और कर्मचारी आने की बात कही जा रही है। इसके बाद रोजाना 24 टायरों को रिसोल किया जाएगा।
कर्मचारी नहीं आने के कारण रोडवेज के स्टॉक में एक भी रिसोल टायर तैयार नहीं था। नए टायर भी चार बचे थे। यदि टायरों को रिसोल करने के लिए कर्मचारी नहीं आते तो टायरों के अभाव में रोडवेज बसें रूट पर नहीं दौड़ पाती। इस बारे में अमर उजाला ने कर्मचारी नहीं आने पर रिसोल प्लांट बंद शीर्षक से 29 मई को खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग के अधिकारी जागे और प्लांट को चालू कराया।
टायर रिसोल करने वाली मशीनें हो चुकीं पुरानी, हवा हो रही लीक
मंगलवार को प्लांट में टायर रिसोल कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि यहां प्लांट में लगी चेंबर, बफर और एनवेल्प स्पेडर मशीनें काफी पुरानी हो चुकी हैं। इन मशीनों से हवा लीक हो रही है। काम काफी धीमी गति से हो रहा है। टायर को रिसोल करने वाले हिसार निवासी कमलजीत का कहना है कि नए साल पर चेबर मशीन से हादसा होते-होते बच गया। कर्मचारियों का कहना है कि जब ठेका प्रथा बंद की जा चुकी है तो हमें ठेकेदार के तहत क्यों रखा गया है। उन्होंने बताया कि समय पर उन्हें वेतन तक नहीं दिया जाता, इससे घर का बजट बिगड़ जाता है और परेशानी होती है।
कर्मचारी आने के बाद रिसोल प्लांट चालू किया जा चुका है। ठेकेदार की ओर से बुधवार से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की बात कही जा रही है। उसके बाद टायरों को रिसोल करने में कोई समस्या नहीं आएगी।
- रूपचंद, टायरमैन, रोडवेज