फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

75 की गौरवशाली आयु में जोश-जुनून के साथ कर रहे समाजसेवा

विज्ञापन
विज्ञापन
75 की गौरवशाली आयु में जोश-जुनून के साथ कर रहे समाजसेवा
विज्ञापन

हिसार। अमर उजाला ने वीरवार को अपना 75वें गौरवशाली वर्ष में प्रवेश किया। इस मौके पर अमर उजाला ने 75 साल के ऐसे बुजुर्गों को सम्मान देने के लिए उनकी कहानी को सामने लाने का प्रयास किया, जो अब भी अपनी पूरी ताकत-शक्ति के साथ जोश-जुनून से समाजसेवा में लगे हैं। बिना किसी सम्मान की चाहत के यह बुजुर्ग रोजाना सुबह समाज हित के लिए निकलते हैं। ऐसे वरिष्ठों से हर किसी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
23 साल से लोगों को जलसेवा उपलब्ध करवा रहे कृष्ण कौशिक
दयानंद कॉलोनी के रहने वाले 83 वर्षीय कृष्ण कौशिक वर्ष 1999 में बीएसएनल से सेवानिवृत्त होने के बाद भी घर नहीं बैठे। 23 साल से समाजसेवा करते हुए वह लोगों को जलसेवा उपलब्ध करवा रहे हैं। कृष्ण कौशिक बताते है कि सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने अपनी पेंशन से गाड़ी खरीदी और पानी की प्याऊ लगाकर आरओ का पानी लोगों को पिलाना शुरू कर दिया। आज वह बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, लघु सचिवालय के अलावा अन्य जगहों पर अपनी गाड़ी लेकर पहुंचते हैं और इस भयंकर गर्मी में लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। वह जिंदल चौक पर दो वाटर कूलर भी लगवा चुके हैं। हर माह वाटर कूलरों की मरम्मत का खर्च भी खुद उठा रहे हैं।
विज्ञापन

75 की उम्र में युवा जैसा जोश, जरूरतमंदों की मदद को तत्पर
हांसी। समाज सेवा करने की कोई उम्र नहीं होती। अगर इंसान के अंदर समाजसेवा कर जज्बा हो तो वह किसी भी उम्र में समाज सेवा कर सकता है। केएल ग्रोवर एक ऐसा नाम है, जो 2006 से एसडीओ कृषि विभाग से रिटायर्ड होने के बाद आज तक ना जाने कितनी संस्थाओं से जुड़े हुए है, जिनमें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विधालय, भारत विकास परिषद, हांसी, अखिल भारतीय सेवा परिषद, शाखा हांसी के सरपरस्त, रिटायर्ड कर्मचारी/अधिकारी संघ, हांसी के प्रधान, महात्मा गांधी वेलफेयर पंचायत, हांसी, हरियाणा सेवा भारती संघ के सदस्य, महानायक सेवा समिति, हांसी में किसी न किसी पद पर कार्यरत रहे हैं। इस उम्र में उन्होंने हरियाणा एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2021 की 5 किलोमीटर वॉक प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में जरूरतमंद बच्चों को उनकी फीस व वर्दी का योगदान रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में कोरोना काल में इन्होंने बड़ा कार्य किया है। कीटनाशक से रहित खेती के बारे में किसानों को जागरूक कर रहे हैं।
शहीदों व सैनिक परिवारों को सम्मान दिलाने निकले कैप्टन मलिक
भारतीय सेना में रहकर देश सेवा चुके 62 वर्षीय कैप्टन चरण सिंह के जीवन का लक्ष्य अब शहीद व शहीद परिवारों को सम्मान दिलाना बन गया है। आर्मी से सेवानिवृत्त कैप्टन चरण सिंह मलिक राष्ट्रीय पूर्व सैनिक संगठन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष हैं। उवे 11 जुलाई 1989 को आर्मी में सिपाही भर्ती हुए थे। सोनीपत जिले का आहुलाना मदीना उनका पैतृक गांव हैं। उनके 90 वर्षीय पिता गांव के नंबरदार हैं। कैप्टन चरण सिंह मलिक 31 अक्तूबर 2002 में आर्मी से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उनका लक्ष्य शहीदों के सम्मान में शिक्षण संस्थान बनवाना, शहीदों की प्रतिमा स्थापित करवाना व पूर्व सैनिकों की हर समस्याओं समाधान करवाना बन गया। कैप्टन चरण सिंह मलि ने बताया कि उनका संगठन 1948 में हुए हमारे हरियाणा के शहीदों को रिकॉर्ड एकत्रित करने में जुटे हैं, ताकि गुमनाम शहीदों को सम्मान मिले।
विज्ञापन

पौने 7 एकड़ जमीन गोशाला को दी, स्कूल के कमरे बनवाए
सिवानी मंडी। पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के ननिहाल खंड के गांव लीलस में स्वतंत्रता सेनानी भागीरथ बिश्नोई की पत्नी 80 वर्षीय बिरमा देवी के सामाजिक कार्यों के चर्चे क्षेत्र में दूर-दूर तक फैले हैं। बिरमा देवी ने पिछले साल अपनी पौने सात एकड़ भूमि गोशाला में दान की। इससे पहले उन्होंने गांव के सरकारी स्कूल में अपने पति स्वर्गीय भागीरथ बिश्नोई की याद में चार लाख की लागत से दो कमरों का निर्माण कराया। बिरमा देवी ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि अगर वह लंबे समय तक जीवित रही तो गोशाला में एक भवन का निर्माण करवाएगी। चलने फिरने में असमर्थ होने के बावजूद वह हर महीने अपने पारिवारिक सदस्यों की सहायता से अपनी नेक कमाई से गायों को गुड़ व खल खिलाने के लिए गोशाला जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें