हिसार। जिले में डेंगू अब जानलेवा साबित हो रहा है। सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) किट खत्म होने से अब मरीजों को उपचार के लिए तड़पना पड़ रहा है। वीरवार को 46 नए मरीजों के साथ अब तक डेंगू का आंकड़ा 730 पर पहुंच चुका है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि अभी तक 3816 डेंगू आशंकित लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। 641 व्यक्ति डेंगू से रिकवर हो चुके हैं। फिलहाल जिले में 88 डेंगू सक्रिय मरीज हैं।
वीरवार को मिलगेट निवासी युवती उपचार के लिए तड़पती रही। युुवती के प्लेटलेटस 31 हजार तक रहने पर उसे ऑक्सीजन सपोट पर रखा गया था। युवती को एसडीपी के लिए डोनर नहीं मिल पा रहा था। परिजनों ने कहा कि उन्हें चार यूनिट की जरूरत थी। डेंगू के बढ़ते मामलों के कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ती जा रही है। पहले कोरोना से निपटना मुश्किल हो रहा था। अब डेंगू पैर पसारने लगा है। उल्लेखनीय है कि जिले में पिछले वर्ष इन दिनों में कोरोना के केस बढ़ने से जिले में बेड की कमी हो गई थी, यही स्थिति अब डेंगू के बढ़ते केसों कारण हो गई है। आलम ये है कि अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगे हैं। बेडों की कमी के साथ-साथ सिंगल डोनर प्लेटलेट्स की किट की किल्लत आ रही है। किट मिल नहीं पा रही, अगर किट आती भी है तो 10 से 12 ही आ रही हैं, जो एक या दो दिन में ही इस्तेमाल हो जाती है। किट भेजने वाली कंपनियों का कहना है कि उनके पास किट विदेशों से नहीं पहुंच रही है। इसके कारण वे किट नहीं भेज रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ ब्लड बैंक संचालकों का आरोप है कि किट भेजने वाली कंपनियां उन ब्लड बैंकों को समय से किट की सप्लाई कर रही हैं जो बड़े आर्डर दे रहे हैं। कम आर्डर करने वालों को किट मिलने में दिक्कत हो रही है।
कस्टम क्लीयरेंस के कारण एसडीपी किट नहीं आई। वीरवार देर रात तक किट पहुंचने की उम्मीद है। - डॉ. जीआर गुप्ता, मंगलम लैब, हिसार
किट मिलने की उम्मीद कम लग रही है। 13 नवंबर तक किट आनी थी, लेकिन नहीं आई। - डॉ. संदीप कालरा, सर्वोदय ब्लड बैंक, हिसार