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तीन गांवों का फैसला, नहीं भरेंगे बिजली बिल

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ग्रामीण पंचायत में बिजली बिलों को लेकर चर्चा करते हुए। - फोटो : Hisar
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हिसार।
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धिकताना, बहबलपुर और बाडोपट्टी के ग्रामीणों ने बिजली बिल न भरने का फैसला लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले तो बिजली निगम ने बिल नहीं भेजा। अब बीते छह माह का बिजली बिल बनाकर भेजा है। साथ ही बीते छह माह से बिजली कट में बढ़ोतरी हो रही है। जिससे वे परेशान हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर एक हफ्ते के अंदर बिजली संबंधित समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा फैसला लेंगे। रविवार को बाडोपट्टी के बिजली घर में हुई बैठक में धिकताना, बहबलपुर व बोडोपट्टी के ग्रामीणों ने यह फैसला लिया है। जिसकी अध्यक्षता बहबलपुर के सरपंच प्रतिनिधि नंबरदार जगमाल सिंह ने की। बैठक में धिकताना के सरपंच प्रतिनिधि सुरजीत सिंह यादव, बाडोपट्टी के सरपंच प्रतिनिधि मनोहरलाल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
पहले नहीं भेजा बिजली बिल, अब छह माह का बनाकर भेजा
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली निगम ने बीते छह का बिजली बिल बनाकर भेज दिया है। जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली बिल को किश्तों में ली जाए। ताकि समस्या का समाधान हो सके।
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बढ़े बिजली कट, सिर्फ 14 घंटे मिलती है सप्लाई
ग्रामीणों ने बताया कि धिकताना, बहबलपुर व बाडोपट्टी में 24 घंटे की बजाय 14 घंटे बिजली सप्लाई मिलती है। जबकि पहले 22 घंटे मिलती थी। ग्रामीण बलवान सूंडा, धर्मपाल बाडो ने बताया कि कई बार जगमग योजना में तीनों गांवों को शामिल करने की बात निगम से कर चुके हैं, लेकिन अभी तक जगमग योजना में गांवों को शामिल नहीं किया जा सका है।
नहीं काटने देंगे बिजली कनेक्शन
धिकताना, बहबलपुर व बाडोपट्टी के ग्रामीणों ने बताया कि यदि बिजली निगम को वे कनेक्शन नहीं काटने देंगे। यदि अधिकारियों ने कोई कार्रवाई की तो वे भी बड़ा फैसला लेंगे।
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बैठक में फैसला हुआ है कि धिकताना, बाडोपट्टी और बहबलपुर के लोग बिजली बिल नहीं भरेंगे। एक हफ्ते में हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो वे बड़ा फैसला लेंगे।
- भजनलाल, सरपंच प्रतिनिधि, बहबलपुर।
वर्जन
बिजली बिलों को किश्तों में लिया जाएगा। जहां तक जगमग योजना में शामिल करने की बात है तो बाडोपट्टी व बहबलपुर पहले से ही जगमग योजना में शामिल है। जबकि धिकताना के बारे में उच्च अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
- आशीष सोढ़ी, एसडीओ, बिजली निगम।
वर्जन
हम किश्तों में बिजली बिल लेंगे। जहां तक जगमग योजना में शामिल करने की बात है तो ये गांव जगमग योजना में है। फिर भी समस्या आती है तो निदान किया जाएगा।
- राजेंद्र सभ्रवाल, एसई, बिजली निगम, हिसार।
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