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Hisar: महिला एमआर से दुष्कर्म करने के दोषी डॉ. अशोक यादव को 10 साल की सजा, जुर्माना भी लगाया

Thu, 29 Feb 2024 09:23 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

अदालत ने सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल और गवाहों के बयानों को आधार बना सजा सुनाई है। एफएसएल रिपोर्ट आने से पहले पुलिस ने एफआईआर कैंसिल कर दी थी।
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अदालत में सुनवाई के बाद डॉ. अशोक यादव को ले जाते पुलिस कर्मी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के हिसार में एडीजे सुनील जिंदल की अदालत ने लुधियाना की महिला एमआर से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी नीमा (नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन) के तत्कालीन जिला प्रधान डॉ. अशोक यादव को दस साल की सजा सुनाई है। सजा के अलावा 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस संबंध में 13 सितंबर 2022 को महिला थाना पुलिस ने दुष्कर्म, अप्राकृतिक यौन शोषण और षड्यंत्र रचने का केस दर्ज किया था।

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पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि एक साल से वह एक दवा की कंपनी में एमआर है। पंजाब और हरियाणा में मार्केटिंग करती है। 2022 फरवरी और मार्च महीने में हिसार आई थी। इस दौरान जवाहर नगर स्थित एक आयुर्वेदिक अस्पताल गई। वहां पर डॉ. अशोक यादव से फोन पर बात हुई।

उसने अपने अस्पताल बुलाया और कहा कि वह यहां का प्रधान है। उसके सारे प्रोडक्ट्स बिकवा देगा। उसके बाद कंपनी के प्रोडक्ट्स बिकने लगे। 30 अगस्त को डॉ. अशोक यादव का फोन आया और कहा कि 31 अगस्त को हिसार आ जाना कंपनी के प्रोडक्ट्स के बारे में बातचीत करनी है। जब शहर आई तो उसने कैंप चौक के पास बुलाया।
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इसके बाद उसे कार में बैठा कर सरकारी रेस्टोरेंट में ले गया। वहां पर कुछ देर बात की। उसने कहा कि उसके कई बड़े अधिकारी दोस्त हैं, उसकी सरकारी नौकरी लगवा देगा। इस दौरान उसका एक साथी आया और प्रोडक्ट्स के बारे में बातचीत की। इस दौरान उसके लिए कमरा बुक कर दिया गया। रात 8 बजे डॉ. अशोक यादव कमरे में आया और वेटर से दो बीयर मंगवाईं।

आरोपी ने उसे पानी पिलाया, जिसके बाद अर्ध बेहोशी की हालत में चली गई। आरोप है कि डॉ. यादव ने उसके साथ दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौन शोषण किया। देर रात को वह वहां से चला गया। जब उसे होश आया तो अपनी सहेली के घर चली गई। अब डॉ. अशोक यादव उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। उक्त मामले में अदालत ने दोषी डॉ. अशोक यादव को दस साल की सजा सुनाई है।

फुटेज और एफएसएल की रिपोर्ट को आधार माना
अधिवक्ता सुमित पानू ने बताया कि अदालत ने सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल रिपोर्ट और पीड़िता की तरफ से 6 गवाहों के बयानों के आधार पर पीड़िता के पक्ष में फैसला सुनाया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एफएसएल की रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस ने एफआईआर रद्द कर दी थी। वहीं पीड़िता का कहना है डॉ. अशोक यादव ने केस वापस लेने के लिए काफी दबाव बनाया। जब कोर्ट में सुनवाई होती तो रास्ता बदल कर आना पड़ता था।

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