चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में सीबीआई की ओर से आईपी एड्रेस के आधार पर जांच की जा रही है। टीम अब आईपी एड्रेस के जरिये उन आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास में है, जिन्होंने ऐसी वीडियो या फोटो को वायरल किया। इसके अलावा आरोपी हिसार के बासड़ा गांव निवासी सत्कार की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली वेबसाइट के बारे में भी टीम जांच कर रही है।
हमारे पास ऐसा कोई भी मामला आता है तो मामले की जांच कर उसके अनुसार धारा लगाई जाती है। उसकी धारा के आधार पर कार्रवाई की जाती है। अभिभावकों को चाहिए कि अपने बच्चों को मोबाइल फोन जरूरत के समय ही दें। - विकास कुमार, पुलिस प्रवक्ता, हिसार
हमारे पास अभी ऐसा मामला नहीं आया है। बच्चों से होने वाले अपराध को लेकर हमारी तरफ से सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश कर काउंसिलिंग की जाती है। उसके बाद उन्हें चाइल्ड केयर सेंटर भेज दिया जाता है। - कमलेश, डीसीपीओ, हिसार
ऐसे मामलों में आईटी एक्ट में 10 साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना या दोनों। इसमें 6 महीने से पहले जमानत नहीं मिल सकती। अगर ऐसे मामले में कोई शिकायतकर्ता सामने आता है तो आरोपी के खिलाफ पोक्सो की धारा व सेक्सुअल चाइल्ड एब्यूस्ड एक्ट भी लगता है। सेक्सुअल चाइल्ड एब्यूस्ड एक्ट में करीब 10 साल सजा और करीब 10 हजार रुपये जुर्माना या दोनों लग सकता है। पोक्सो एक्ट में उम्रकैद जुर्माना 10 हजार रुपये या उससे भी ज्यादा या दोनों हो सकते हैं। - संदीप बूरा, सचिव, जिला बार एसोसिएशन, हिसार