अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। शेखुपरा के तिहरा हत्याकांड के आरोपी दलेल (आत्महत्या करने वाले डीएसपी भगवान दास के भाई) पर हमला करने के मामले के आरोपियों द्वारा फिर से हमले का प्रयास करने और धमकियां देने और पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने से सहमे दो परिवारों ने शनिवार को गांव से पलायन कर लिया। उनका कहना है कि पुलिस ने आरोपियों को संरक्षण दिया हुआ है, इसलिए वे हिसार में एक किराये का मकान लेकर उसमें रहने लगे हैं। हालांकि उनके गांव में खेत हैं, लेकिन जान बचेगी तो ही खेत काम आएंगे।
हमले में घायल हुए दलेल सिंह के भतीजे भूप सिंह ने बताया कि हत्याकांड के बाद से ही दूसरा पक्ष उनके घर पुलिस को लेकर आता और उनके माता-पिता को धमकाता था। इसके कारण उसके पिता दलीप सिंह की हृदय घात से मौत भी हो चुकी है, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसी प्रकार अब जब उसके चाचा जमानत पर आए तो पिछले शुक्रवार सात सितंबर को तोशाम रोड पर पानी की मोटर खरीदने गए थे तो उन पर आठ-नौ युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया, लेकिन पुलिस ने साधारण मामला दर्ज किया। इस मामले में देवेंद्र उर्फ बॉक्सर व प्रदीप को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिनको अगले ही दिन जमानत मिल गई। अन्य आरोपियों पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है।
अब सभी हमलावर उनका पीछा करते हैं और हथियार लेकर उनकी गली में आते हैं और जान से मारने की धमकियां देते हैं। पुलिस को कई बार शिकायत की, लेकिन न तो हमलावरों को गिरफ्तार किया है और ना ही उनको सुरक्षा मुहैया करवाई है। इसके चलते उन्होंने गांव से पलायन करना ही मुनासिब समझा और पलायन कर लिया।
इस हत्याकांड में पुलिस ने दलेल सिंह सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें से पांच को जमानत मिल चुकी है, वहीं डीएसपी द्वारा आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया था, जिनकी सभी की जमानत हो चुकी है।