हिसार। कोरोना जांच घोटाले में फरार चल रहे आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। शुरुआत हिसार से की गई और कार्रवाई नोएडा में खत्म हुई। मैक्स कॉरपोरेट सोसायटी के पार्टनर्स के आवास और नलवा लैब के संचालक के आवास और प्रतिष्ठान पर मुनादी कराने के बाद कुर्की के नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं।
हरिद्वार में आयोजित महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की कोरोना जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तहरीर पर नगर कोतवाली में मैक्स कॉरपोरेट सोसायटी, नलवा लैब और डॉ. लाल चंदानी लैब सेंट्रल दिल्ली के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। उस समय एसएसपी रहे सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने एसटीआई टीम का गठन कर जांच बैठा दी। इसके बाद एसआईटी टीम ने भिवानी की डेलफिशा लैब के संचालक आशीष वशिष्ठ को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही आरोपी से पूछताछ के बाद मैक्स कॉरपोरेट सर्विस के पार्टनर शरत व मल्लिका पंत के साथ ही हिसार की नलवा लैब के संचालक डॉ. नवतेज नलवा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी थी। हालांकि आरोपी फरार हैं।
एसआईटी ने आरोपियों की कुर्की के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट से 82 का नोटिस पुलिस को तीन दिन पहले मिल चुका था। सोमवार को नगर कोतवाली के एसआई यशवंत सिंह खत्री आरोपी शरत पंत व उनकी पत्नी मल्लिका पंत के नोएडा स्थित आवास और हिसार में डॉ. नवतेज नलवा के आवास और लैब पहुंचे। वहां उन्होंने मुनादी कराने के बाद 82 का नोटिस चस्पा किया। जांच अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के आवास व लैब पर 82 के नोटिस चस्पा कराने के साथ ही मुनादी कराई गई है। वहीं अब कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।